बहादुरगढ़। दिवाली के बाद से मौसम में बदलाव के साथ हवा की गुणवत्ता खराब हो गई है। शहर में स्मॉग छाए रहने से लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। प्रदूषण बढ़ने से खांसी और जुकाम, कान में दर्द, आंखों में चुभन और सांस लेने में तकलीफ, गले में खराश की शिकायत लेकर के मरीज नागरिक अस्पताल में पहुंच रहे हैं।
नागरिक अस्पताल के ईएनटी रोग विभाग के डॉ. चंद्रशेखर ने बताया कि मौसम में बदलाव के कराण जुकाम-खांसी, गले में खराश की परेशानी देखने को मिल रही है। धूल-धुआं के अति सूक्ष्म कण नाक और फेफड़े में जाने से बार-बार छींक आना, तेज खांसी की भी दिक्कत मिल रही है। उन्होंने बताया कि मौसम बदलने और ठंडी सामग्री खाने पीने से वायरल फीवर बढ़ गया है। इससे बच्चों के गले में सूजन, दर्द, कान में दर्द की दिक्कत बढ़ गई है। इलाज से मर्ज को ठीक होने में सप्ताह भर से अधिक समय लग रहा है।
प्रदूषण से इन बीमारियों का बढ़ता है खतरा
स्मॉग के लंबे समय तक असर से एलर्जी, दमा, ब्रोंकाइटिस और हृदय रोग बढ़ सकते हैं। जिन लोगों को पहले से डायबिटीज या हृदय संंबंधी समस्या है उनके लिए मौसम और अधिक खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे में मरीज सुबह की सैर से फिलहाल परहेज करें।
बचाव ही है सबसे बड़ा उपाय
-स्मॉग से बचाव के लिए जरूरी है कि लोग घर से निकलते समय एन-95 या सर्जिकल मास्क लगाएं।
-दुपहिया वाहन कम चलाएं और जरूरत न होने पर बाहर न जाएं।
-घरों में पौधों की संख्या बढ़ाएं कमरे में एयर प्यूरीफायर का प्रयोग करें।
-खूब पानी पीएं ताकि शरीर से हानिकारक तत्व बाहर न निकल सकें।
-शाम या सुबह की बजाय दोपहर के समय व्यायाम करना ज्यादा सुरक्षित रहेगा।
इन बातों का रखें ध्यान
-ठंडा पानी और ठंडी सामग्री खाने से बचें। बासी भोजन न करें।
-जागने के बाद सेंधा नमक डालकर गुनगुने पानी से गरारे करें।
-सुबह और शाम गर्म पानी की भांप लें।
-प्रदूषित स्थानों पर जाने से बचें।
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