बादली। नए कलेक्टर रेट के लिए एक बार फिर से तैयारियां शुरू हो गई हैं। संभावित कलेक्टर रेट लागू होने से पहले ही जमीन से जुड़े लोगों ने जमीन की रजिस्ट्री संबंधी कार्य में तेजी दिखी है। मार्च माह में अभी तक कुल रजिस्ट्री की संख्या 550 को पार कर चुकी है।
15 मार्च के बाद रजिस्ट्री करवाने वालों की संख्या बढ़ी है। इससे पहले जनवरी माह में 505 रजिस्ट्री हुई जबकि फरवरी माह में 450 रजिस्ट्री हुई थी। बीते 4 वर्षों में 30- 40 प्रतिशत तक कलेक्टर रेट बढ़ाए जा चुके हैं। इस बार भी रेट बढ़े तो जमीन की खरीद-फरोख्त फिर से महंगी होगी। एक अप्रैल से कलेक्टर रेट बढ़ने की संभावना है।
प्रॉपर्टी का बाजार में मंदी, निवेशक पीछे हटे
रियल एस्टेट से जुडे बबलू, सोनू और मनोज ने बताया कि जिस तरह से जमीन के रेट बढ़ रहे हैं उससे लोग हताश हैं। प्रॉपर्टी का बाजार मंदा पड़ा है। बीते तीन वर्षों से लगातार कलेक्टर रेट में बेतहाशा वृद्धि होती आई है। नियमित कॉलोनी में तीन वर्ष पहले 2200 रुपये प्रति गज के रेट हुआ करते थे जो बढ़कर 12 हजार पर आ चुके हैं। मंदी के कारण प्रॉपर्टी से हटकर निवेशक सोने-चांदी और स्टॉक मार्केट में चले गए थे।