झज्जर। डीटीसी की बसों को टाइम नहीं मिलने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही डीटीसी बस में सफर करने वाले यात्रियों को भी परेशानी हो रही है।
झज्जर बस अड्डा तक पहुंचने के लिए डीटीसी की बस शहर से होते हुए आती हैं। वहीं जाते समय बसों को बाईपास के रास्ते से होते हुए बादली रूट पर उतार रहे हैं। रविवार को डीटीसी की आखिरी बस शहर के रास्ते से होते हुए अपने गंतव्य की ओर गई।
डीटीसी की बसों को नजफगढ़-नांगलोई स्टैंड से चलते एक सप्ताह से ज्यादा हो चुका है। जब से दिल्ली से डीटीसी डिपो से अधिकारी झज्जर में आरटीए से मिलने आए हैं, तब से डीटीसी की बसों को डिपो में समय नहीं मिल रहा है और डीटीसी की बसों को बस अड्डा परिसर में जाने से मनाही है। झज्जर पहुंचने वाली डीटीसी की बसों को बस अड्डा परिसर के बाहर ही इंतजार करना पड़ रहा है। इसके कारण यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
डीटीसी की बसें झज्जर बस अड्डा तक आते समय शहर के रास्ते से होकर आ रही है, लेकिन जाते समय शहर की बजाय रोहतक-रेवाड़ी नेशनल हाईवे से होते हुए बादली रोड पर उतरकर अपने गंतव्य की ओर जा रही हैं। इसके बाद वहीं से सवारियों को बैठाकर नजफगढ़-नांगलोई स्टैंड की तरफ जा रही हैं।
शनिवार को ढांसा बॉर्डर पर डीटीसी बस चालकों व निजी बस चालकों के बीच कुछ कहासुनी भी हुई थी। झज्जर बस अड्डा परिसर के बाहर इस तरह की कोई घटना न हो इसलिए डीटीसी बस चालक बस अड्डा परिसर के बाहर से यात्रियों को नहीं बैठाकर खाली बसों को लेकर जा रहे हैं और बादली रोड पर बाईपास से यात्रियों को बैठाना शुरू करते हैं। रविवार की शाम को डीटीसी की बस शहर के रास्ते से होते हुए सवारियों को बैठाकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हुई।
सुबह की बसों में भी मार्शल तैनात
नजफगढ़-नांगलोई स्टैंड से चलने वाली बसों में अब सुबह की दोनों बसों में मार्शल तैनात किए गए हैं। इससे पहले सिर्फ शाम की बसों में मार्शल की तैनाती थी, लेकिन जब से डीटीसी बसों को बस अड्डा परिसर में टाइम मिलना बंद हो गया तब से सुबह की बसों में भी मार्शल की तैनाती की गई है।