संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। शहर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए अभी तक प्रशासन ने कारगर कदम नहीं उठाए हैं। दिल्ली-रोहतक रोड के साथ-साथ शहर के अन्य कई मार्गों पर बड़े नाले कूड़े कर्कट से अटे पड़े हैं। महीनों से कचरा नालों में सड़ रहा है, नाले पूरी तरह से सीज हैं। 6 फुट गहरे नालों में 4 फुट तक सिल्ट जमा है। अभी तक सभी नालों की सफाई नहीं कराई गई है और न ही छोटी-छोटी नालियों को साफ किया गया है। यही हाल रहा तो मानसून सीजन में कॉलोनियों और सड़कों पर पानी भर जाएगा। जिला प्रशासन की ओर से हर साल नगर परिषद अधिकारियों को जल भराव की समस्या से निपटने के लिए नालों की सफाई के निर्देश दिए जाते हैं। काम भी शुरू होता है, लेकिन वह शहर में इक्का-दुक्का स्थानों पर होकर रह जाता है।
नहीं तोड़ते हैं अतिक्रमण
दिल्ली-रोहतक रोड के अलावा शहर के रेलवे रोड, झज्जर रोड और सेक्टर-6 के नजदीक अनेक स्थान ऐसे हैं जहां नालों पर दुकानदारों ने पक्का निर्माण कार्य किया हुआ है। यह अतिक्रमण नगर परिषद के अधिकारियोंं को दिखाई नहीं देता। जबकि यहां पर नाले पूरी तरह से बंद पड़े हैं। सफाई की बात तो दूर यहां पर सफाई कर्मचारियों के लिए यह पता लगाना भी मुश्किल है कि नालों से पानी निकल भी रहा है या नहीं। यह अतिक्रमण सैनी मार्केट के बाहर, धर्म विहार कॉलोनी के बाहर दिल्ली-रोहतक रोड पर, दिल्ली अस्पताल, श्यामजी काप्लेक्स के अलावा अन्य स्थानों पर शामिल हैं।
नालों की सफाई की रिपोर्ट भी नहीं ली जाती
नगर परिषद मानसून से पहले नालों की सफाई का अभियान जरूर चलाता है। यह अभियान महज शहरवासियों को लूटने के लिए चलाया जाता है। नालों की सफाई ठीक ढंग से हुई भी है या नहीं। इस बारे में नगर परिषद की ओर से कोई रिपोर्ट नहीं ली जाती।
प्वाइंट्स जहां होता है जलभराव
रेलवे रोड, मेन बाजार, झज्जर रोड सब्जी मंडी के बाहर, बादली चुंगी, बांबे वाली गली, सैनीपुरा मोहल्ला, छोटूराम नगर, बस स्टैंड, नजफगढ़ रोड, बालौर रोड, बादली रोड, अनाज मंडी, अग्रवाल कॉलोनी, महाबीर पार्क कॉलोनी, सेक्टर-6 समेत लाइनपार की कई कॉलोनियों में बारिश में सड़के डूब जाती हैं। तेज बारिश में इन स्थानों पर डेढ़ से दो फुट पानी खड़ा हो जाता है। कारण साफ है इन कॉलोनियों में बारिश से पूर्व नालों की सफाई नहीं कराई जाती है और न ही नालों में भरे कीचड़ को हटाया जाता है। इस बार भी यही स्थिति देखने को मिल सकती है।
झज्जर रोड पर टूटे और ब्लॉक पड़े हैं नाले
शहरी नालों के अलावा झज्जर रोड पर बने नालों की हालत देखी जाए तो वहां से पानी की निकासी संभव नहीं है। नाले टूटे चुके हैं और उनके सरिये भी साफ दिखाई देते हैं। नाले बड़े-बड़े पत्थर, कूड़ा करकट से पटे पड़े हैं। दो दिन पहले बिन बारिश भी झज्जर रोड पर आईटीआई के सामने सड़क पर नाला ब्लॉक होने की वजह से गंदा पानी जमा हो गया था।
ये हैं शहर के बरसाती नाले
-दिल्ली रोड बस स्टैंड से बदरों फ्लाईओवर तक दोनों तरफ बना नाला
-झज्जर रोड पर दोनों तरफ के नाले
-बादली रोड पर बना नाला
-शक्ति नगर से छोटूराम पार्क तक बना नाला
-मेला ग्राउंड से बालौर रोड तक बना नाला
-नजफगढ़ रोड वाया बस स्टैंड से शिव चौक तक का नाला
-बालौर रोड पर दोनों तरफ का नाला
-पटेल नगर से सेक्टर 6 तक 16 फीट रोड पर दोनों तरफ का नाला
-सैनिक नगर का नाला
-प्रेम नगर का नाला
-सैनीपुरा में दोनों तरफ बने नाले
-दयानंद नगर में नाला
-बाग वाले मोहल्ला में एक तरफ बना नाला
-बांबे वाली गली में बना नाला
-तबेला स्कूल के पीछे बना नाला
-शक्ति नगर में नहर के साथ बना नाला
-रोहतक रोड पर बना नाला
-महावीर पार्क नाला
-पुराने नजफगढ़ रोड पर पुरानी कमेटी के पास एक तरफ बना नाला
-लाइनपार 22 फुटा रोड पर बना दोनों तरफ का नाला
-बराही फाटक लाइन पर बने दोनों नाले
-बालोर रोड से नजफगढ़ रोड बाईपास तक के एक तरफ बना नाला
-सैनीपुरा पुराना मंदिर से एक तरफ बना नाला
-नाहरा-नाहरी फ्लाईओवर से मुंगेशपुर ड्रेन के दोनों तरफ बने नाले
शहर में नालों की सफाई के कार्य के लिए जल्द ही टेंडर लगाया जाएगा। इसके बाद सफाई कार्य शुरू कराया जाएगा। मानसून की दस्तक से पहले सभी नाले साफ कर दिए जाएंगे। शहर में छोटे-बड़े 36 नाले हैं।
-संजय रोहिल्ला, ईओ नगर परिषद, बहादुरगढ़।
-फोटो 52 : दिल्ली-रोहतक रोड पर सेक्टर-6 के नजदीक कूड़े कचरे से अटा नाला। संवाद