फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डाक्टर साहब मां घणी परेशान है... पचास किलोमीटर दूर तै लेकै आया सूं...इस नै बचा ल्यो

विज्ञापन
विज्ञापन
झज्जर। डाक्टर साहब मां घणी परेशान सै... इसका दम घुटता देखा कोनी जाता... इस नै 50 किलामीटर तै ले कै आया सूं..आपके अस्पताल मैं ऑक्सीजन सै...मां नै बचा ल्यो, आपका भला होगा। इस प्रकार की बातें शहर के सामान्य अस्पताल में अपनी मां को रेवाड़ी से लेकर आया उसका पुत्र यशवंत चिकित्सक को कहता नजर आया। ताकि किसी भी प्रकार से मां की जान बच जाए। शनिवार को सामान्य अस्पताल के आपातकालीन विभाग की हालत यह थी कि एक बेड भी यहां पर खाली नहीं था। एक-एक बेड पर दो-दो मरीजों को लेटाया गया था। स्ट्रैचर तक खाली नहीं थी। जिले के साथ लगते अन्य जिलों से भी लोग अपने रिश्तेदारों के माध्यम से ऑक्सीजन की उपलब्धता की जानकारी लेकर सामान्य अस्पताल अपने मरीजों को लेकर आ रहे हैं। सामान्य अस्पताल में मरीजों की अधिकता के कारण बेड खाली नहीं हैं। लेकिन मरीजों को समय पर ऑक्सीजन तो मिल रही है।
विज्ञापन

ऑक्सीजन लेकर एक से दो घंटे के अंतराल में पहुंच जाती है गाड़ी
सामान्य अस्पताल में सुबह करीब दस बजे के आसपास एक बार ऑक्सीजन की कमी सामान्य अस्पताल में भी आने लगी थी। लेकिन उस समय तक करीब तीन से चार घंटे की ऑक्सीजन थी। उसके बाद तुरंत प्रभाव से जब विभाग के अधिकरियों को जानकारी दी तो उन्होंने ऑक्सीजन के लिए प्लांट में संपर्क साधा और कुछ देर बाद ही ऑक्सीजन के सिलिंडर लेकर गाड़ी अस्पताल पहुंच गई। विभाग की तरफ से सूचना देते ही प्लांट से एक से दो घंटे के बीच गाड़ी भेज दी जाती है।
बुखार के साथ ऑक्सीजन हो रही कम
काफी मरीज यहां पर ऐसे भी आए हैं। जिन्होंने कोरोना टेस्ट नहीं करवाया हुआ था और उनका ऑक्सीजन लेवल बुखार के साथ-साथ कम होता जा रहा था। मरीजों को इंजेक्शन देकर पहले उनका ऑक्सीजन लेवल बढ़ाया जा रहा था और बाद में उन्हें ऑक्सीजन पर रखा जा रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि इस समय कोरोना के लक्षण वाले मरीज काफी संख्या में आ रहे हैं।
विज्ञापन

हमारा प्रयास है कि जो भी मरीज अस्पताल में आ रहा है। उसे बेहतर चिकित्सा सुविधा मिले। लेकिन इस समय काफी संख्या में मरीज अस्पताल में एक साथ आए रहे हैं। इसके कारण बेड की कमी हो रही है। फिर भी मरीजों को हर संभव इलाज दिया जा रहा है।
विज्ञापन

- डॉ, संजय सचदेवा, एसएमओ, झज्जर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें