झज्जर। डॉ. को भगवान का दर्जा दिया गया है। मगर भगवान कहे जाने वाले डॉक्टर ही अगर लोगों की जिंदगी बर्बाद करने पर उतारू हो जाए तो फिर क्या किया जा सकता है। ऐसा ही हुआ है बेरी निवासी करण सिंह की पत्नी ममता के साथ। कूल्हे में परेशानी के चलते उसने अपना इलाज खानपुर मेडिकल कॉलेज में करवाया था। मगर डॉक्टर ने उसका कूल्हा ही निकाल लिया। इस बात का खुलासा उस समय हुआ जब दिक्कत बहुत ज्यादा बढ़ने पर उसका इलाज रोहतक पीजीआई में कराया गया। इस मामले में अब पीड़ित पक्ष डीसी से शिकायत करेगा।
गौरतलब है कि लगभग दो साल पहले बेरी निवासी ममता को कूल्हे में दिक्कत हुई थी। ममता का पति करण सिंह उसे उपचार के लिए खानपुर मेडिकल कॉलेज ले गया। वहां पर डॉक्टरों ने बताया कि ममता के कूल्हे का ऑपरेशन करना पड़ेगा तथा प्लेट डालनी पड़ेगी। इसके लिए करण सिंह ने डॉक्टरों द्वारा बताई गई 7 हजार रुपये फीस भी जमा करा दी तथा 26 अप्रैल, 2014 को वहां उसे एडमिट करा दिया गया।
एडमिट कराने के बाद 20 अप्रैल को ममता का ऑपरेशन कर दिया गया। ऑपरेशन के कुछ दिन बाद 15 मई को छुट्टी मिलने पर ममता को घर पर ले आए। मगर ममता के कूल्हे का दर्द ठीक नहीं हो रहा था। दूसरी ओर वह न बैठ पा रही थी तथा न ही चल पा रही थी। इसको लेकर वे खानपुर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के पास गए तथा कई बार दिखाया। डॉक्टर उन्हें हर बार कुछ दिन बाद ठीक हो जाने की बात कहते। ऐसे ही करते-करते दो साल निकल गए। दर्द का मर्ज बढ़ता चला गया। वहां से जब दर्द का कोई समाधान नहीं हुआ तो करण सिंह ममता को उपचार के लिए रोहतक पीजीआईएमएस ले गए।
पीजीआई के इलाज करने से किया मना
करण सिंह ने बताया कि जब ममता को उपचार के लिए फरवरी महीने में वे पीजीआईएमएस ले गए तो वहां पर चिकित्सकों ने ममता के कई टेस्ट किए। टेस्ट के बाद डॉक्टरों ने जो बात बताई, उसने करण सिंह व उसके परिवार को हैरान कर दिया। डॉक्टर ने बताया कि ममता का एक कूल्हा निकाला गया है। यह भी बताया कि कूल्हे में कोई प्लेट नहीं डाली गई है। जब करण सिंह ने उपचार करने के लिए कहा तो पीजीआई के डॉक्टरों ने कहा कि पहले खानपुर मेडिकल कॉलेज से कूल्हा निकाले जाने का कारण लिखवाकर लाओ। उसके बाद ही इलाज शुरू हो पाएगा।
धक्के देकर निकाला बाहर
करण सिंह ने आरोप लगाया कि पीजीआई में डॉक्टर द्वारा कूल्हा निकाले जाने की बात बताने के बाद जब वह खानपुर मेडिकल कॉलेज में गया तो आपरेशन करने वाले डॉक्टरों ने उसे धक्के देकर वहां से निकाल दिया। करण सिंह ने बताया कि उसके बाद वह इलाज के लिए अपनी बीवी को दिल्ली अपोलो अस्पताल में ले गए। मगर वहां पर भी चिकित्सकों ने पहले कूल्हा निकाले जाने के कारण लिखवाने की बात कही। उसके बाद उपचार पर 38 लाख रुपये खर्चा आने की बात कही।
चारपाई से नहीं उठ पाती है ममता
करण सिंह ने बताया कि खानपुर मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन होने के बाद से उसकी पत्नी ममता चारपाई से नहीं उठ पाती है। चलने के लिए उसे बैसाखी की जरूरत पड़ती है तथा उसके लिए भी उसके साथ एक व्यक्ति का साथ होना जरूरी है।
महिला के उपचार में कोई कमी नहीं है। उन पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। अगर उन्हें लगता है कि हमने इलाज में लापरवाही की है तो मामले को अदालत में ले जाया जा सकता है। हम अदालत में जाने के लिए तैयार हैं।
डॉ. एसएल मुंडे, आरोपी चिकित्सक, खानपुर मेडिकल कॉलेज
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