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Jhajjar-Bahadurgarh News: धर्मबीर बने बाढ़सा के सरपंच, प्रतिद्वंदी सुखबीर को 489 वोटों से हराया

Mon, 11 May 2026 01:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
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फोटो नंबर 76: समर्थकों के साथ खुशी मनाते उपचुनाव में विजयी हुए धर्मवीर। संवाद - फोटो : purmandal
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बादली। गांव बाढ़सा में सरपंच के उपचुनाव के लिए मतदान रविवार सुबह आठ बजे शांतिपूर्ण संपन्न हो गया। धर्मवीर सरपंच चुने गए। कुल 3449 वोटों में से 2230 वोट डाले गए। धर्मबीर को 1172 मत मिले जबकि सुखबीर को 683 वोट मिले। बाढ़सा गांव के सरपंच ज्ञानचंद की मौत के बाद पद खाली हो गया था।
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मतदान पर एक नजर
उम्मीदवार कुल वोट
धर्मवीर 1172
जसवंत 82
संदीप 144
दीपक 24
सतबीर 41
सुखबीर 701
बालकिशन 39
मनोज 18
रमेश 04

इंसेट
तीन सगे भाई और चाचा की जमानत जब्त

-दिवंगत सरपंच ज्ञानचंद के बेटे भी नहीं बचा पाए सियासी विरासत

बादली। बाढ़सा गांव के सरपंच का उपचुनाव इस बार सिर्फ एक चुनाव नहीं बल्कि कौतूहल का विषय बना था। वजह थी एक ही परिवार के चार सदस्यों का चुनाव मैदान में उतरना। दिवंगत सरपंच ज्ञानचंद की कुर्सी पर कब्जे के लिए तीनों बेटे और छोटे भाई आमने-सामने आ गए लेकिन चुनाव परिणाम ऐसा आया जिसने पूरे गांव की राजनीति का रुख ही बदल दिया। परिवार के चारों उम्मीदवार न केवल चुनाव हार गए बल्कि अपनी जमानत तक नहीं बचा सके।
गांव बाढ़सा में वर्ष 2022 के आम चुनाव में ग्रामीणों ने ज्ञानचंद को सरपंच चुना था लेकिन पिछले साल मई में निधन के बाद सरपंच पद खाली हो गया था। उपचुनाव घोषित होते ही परिवार के भीतर ही राजनीतिक जंग छिड़ गई। ज्ञानचंद के तीनों बेटे रमेश, मनोज और दीपक मैदान में उतर गए। इतना ही नहीं उनके चाचा बालकिशन ने भी चुनाव लड़कर मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया। पूरे चुनाव में गांव की चौपालों से लेकर गलियों तक सबसे ज्यादा चर्चा इसी परिवार की रही। लोगों को उम्मीद थी कि परिवार का कोई सदस्य मुकाबले में मजबूत स्थिति बनाएगा लेकिन नतीजा उलट आया।
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वहीं दिवंगत सरपंच के तीनों बेटों को मिलाकर केवल 46 वोट मिले, जबकि चाचा बालकिशन को 39 वोट ही मिल सके। यानी चारों उम्मीदवारों को मिलाकर 85 वोट मिले।

चुनाव परिणाम के बाद गांव में चर्चा है कि ग्रामीणों ने इस बार रिश्तों से ज्यादा नेतृत्व और भरोसे को महत्व दिया। यही वजह रही कि जिस परिवार का कभी गांव की राजनीति में दबदबा माना जाता था, उसे इस चुनाव में सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा।
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