महेंद्रगढ़। नवरात्र के छठे दिन श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं ने माता रानी के दरबार में माथा टेककर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
गांव रिवासा से श्रद्धालु महिलाओं का जत्था डीजे के साथ माता रानी की जय जयकार करती हुई मंदिर परिसर में पहुंची। जहां श्रद्धालुओं ने मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना की।
महंत शक्ति नाथ महाराज, मंदिर के पूजारी सांवरमल शर्मा, रतन लाल शर्मा ने बताया कि नवरात्र का छठा दिन मां कात्यायनी की पूजा के लिए समर्पित है, जिन्हें महिषासुर मर्दिनी और योद्धा देवी के रूप में जाना जाता है। मान्यता है कि इनकी पूजा से साहस,आत्मविश्वास, विवाह संबंधी बाधाओं का नाश होता है और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है।
भक्त इस दिन पीले रंग के वस्त्र धारण कर पूजा करते हैं और मां को शहद का भोग लगाते हैं। वहीं, कोलकाता से पहुंचे माया देवी सुहासडिया और सत्यनारायण सुहासडिया ने भी मंदिर में पहुंचकर माता रानी की पूजा-अर्चना की।
उन्होंने मां के दरबार में शीश नवाकर आशीर्वाद लिया।