झज्जर। गोसेवा आयोग हरियाणा की ओर से सड़कों पर घूम रहे गोवंश को गोशालाओं में पहुंचाने की योजना तैयार की जा रही है। जल्द ही इस कार्य को शुरू किया जाएगा। साल के अंत तक कोई भी गोवंश सड़कों पर घूमता हुआ दिखाई नहीं देगा। यह बात रविवार को लोक निर्माण विश्राम गृह में गोसेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण कुमार गोयल ने कही। वे रविवार को गोशालाओं के पदाधिकारियों से विचार विमर्श करने के बाद पत्रकारों बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सरकार के गठन के बाद 635 गोशालाएं हैं, 500 से अधिक पोर्टल पर चढ़ी हुई हैं। सरकार की तरफ से सारी किया गया बजट गोशालाओं तक पहुंचा है। प्रदेश की कई गोशालाओं में बारिश व बाढ़ का पानी भरा है। उनके प्रबंधन में हम लगे हुए हैं। जो-जो समस्याएं हैं, उनका मौके पर जाकर समाधान करवा रहे हैं। आज के दिन सबसे बड़ी समस्या बेसहारा गोवंश की है। गोसेवा आयोग व सरकार का लक्ष्य है कि इस साल के अंत तक कोई भी गोवंश सड़कों पर न रहे।
उन्होंने कहा कि जिस समय प्रदेश में 2014 में भाजपा की सरकार बनी उसे समय प्रदेश में 215 गोशालाएं थीं और इनमें 1.75 लाख गाय थी। वहीं इस समय प्रदेश में 635 गोशालाएं पंजीकृत हैं। इन गोशालाओं पांच लाख गोवंश हैं। घरों से ही निकल कर वहां तक पहुंचा है और जो गोवंश सड़कों पर घूम रहा है, वह भी कहीं न कहीं घरों से ही निकला है। अब गोसेवा आयोग व सरकार दूध पीने के बाद जो पशु पालक या डेयरी संचालक गोवंश को सड़काें पर छोड़ेगा, दूसरे राज्यों से लाकर गोवंश को सड़कों पर छोड़ेगा उसे बख्शा नहीं जाएगा।
सरकार की तरफ से एसीएस स्तर के अधिकारी व गोसेवा आयोग के नेतृत्व में सभी के सहयोग से गोवंश को गोशालाओं तक पहुंचाया जाएगा। इस विषय में झज्जर की कई गोशालाओं का दौरा करने के साथ-साथ पदाधिकारियों की बैठक भी ली। उन्होंने गोशाला संचालकों, प्रधानों व अन्य पदाधिकारियों की समस्या सुनी और कुछ का मौके पर समाधान भी किया। इस अवसर पर आयोग प्रदेश उपाध्यक्ष पूर्णमल यादव, झज्जर के संयोजक प्रमोद बंसल के अलावा सभी गोशालाओं के पदाधिकारी मौजूद रहा।