बहादुरगढ़। रविवार को दीपावली पर प्रतिबंध के बावजूद आधी रात तक जमकर आतिशबाजी हुई। पटाखों के धुएं से बुरा हाल रहा। लोगों को आंखों में जलन महसूस हुई। दीवाली पर शाम 4 बजकर 5 मिनट पर 122 दर्ज किया गया था लेकिन जैसे जैसे आतिशबाजी होती रही प्रदूषण का पारा चढ़ता गया। शाम 4 बजकर 5 मिनट पर 269 पर पहुंच गया था। सोमवार को औसत एक्यूआई 281 रहा। पिछले वर्ष दीवाली के दिन एक्यूआई 278 था।
दीपावली पर आतिशबाजी के चलते वायु प्रदूषण काफी बढ़ गया। प्रदूषण विभाग के अधिकारियों की मानें तो दिवाली की आतिशबाजी का असर अगले कई दिन तक रह सकता है। शहरी क्षेत्र की अनेक कॉलोनियों में आधी रात के बाद तक आतिशबाजी हुई। आतिशबाजी पर रोक का असर बहादुरगढ़ में कहीं नजर नहीं आया। हवा में प्रदूषण अधिक होने के कारण लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ी। ब्रह्मशक्ति संजीवनी अस्पताल के निदेशक डा. मनीष शर्मा ने बताया कि दमा आदि बीमारियों से पीड़ित लोगों को बढ़ते प्रदूषण से परेशानी अधिक हुई। पर्यावरण प्रेमी प्रदीप कुमार ने कहा कि आतिशबाजी तो एक ऐसा शौक है जो न सिर्फ दूसरों के लिए बल्कि ऐसा करने वालों के लिए भी नुकसानदायक है। इसके बावजूद कोई भी यह नहीं समझ पा रहा है कि निरंतर बढ़ रहा प्रदूषण पर्यावरण के लिए कितना खतरनाक साबित हो रहा है। सोमवार को प्रदूषण का स्तर खतरनाक रहा।रविवार को यह पीले रंग में 122 पर दर्ज किया गया था। सोमवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 281 तक गया। मंगलवार को सुबह भी एक्यूआई इतना ही रहा।
वर्जन...
दीपावली पर आतिशबाजी के बाद प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। इसका असर अभी देखने को नहीं मिलेगा। आने वाले दो-तीन दिनों बाद इसका पता चलेगा, यदि हवा चलती है तो प्रदूषण का स्तर कम हो जाएगा। सोमवार एक्यूआई 269 पर पहुंचा। जबकि पीएम 2.5 का उच्चतम स्तर 394 व न्यूनतम स्तर 56 और औसत 281 दर्ज की गई।
-अमित दहिया, एसडीओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बहादुरगढ़।