लंगर में किसानों की सेवा करते दीपक देशवाल। संवाद
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बहादुरगढ़। टीकरी बॉर्डर पर किसानों का धरना 39वें दिन भी जारी रहा। खराब मौसम और कड़ी ठंड में भी किसान डटे रहे। दो किसान आंदोलनकारियों की अलग-अलग कारणों से मौत हो गई। मृतकों में जींद जिले के गांव ईटल कलां के 66 वर्षीय किसान का हृदयाघात से निधन हुआ तो पंजाब के जिला बठिंडा से आए 18 वर्षीय युवक की भी मौत हो गई। रविवार को भी क्षेत्र के सभी हाइवे टोल फ्री रहे। टीकरी बॉर्डर आंदोलनकारी किसानों की भारी भीड़ रही। टीकरी बॉर्डर से कसार गांव तक एनएच-9 पर ठहरे किसानों को बूंदाबांदी के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। ठंड बढ़ने के कारण किसानों को घंटों अपनी ट्रॉलियों में ही दुबके रहना पड़ा।
किसानों की मुख्य सभा को भारतीय किसान यूनियन भिवानी से रवि आजाद, हरियाणा ज्ञान विज्ञान समिति जींद से सोहनलाल व सीटू बहादुरगढ़ से मुकेश मोरखी ने भी टीकरी बॉर्डर पर सभा में किसानों को संबोधित किया। दिल्ली के मुंडका क्षेत्र से आम आदमी पार्टी के विधायक धर्मपाल लाकड़ा और तिलकनगर से आप विधायक करनैल सिंह ने पार्टी की तरफ से लंगर लगाए। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की नीतियां ही किसान-मजदूर के हित में हैं। भाजपा सरकार द्वारा बनाए गए ये तीनों कानून किसानों को बर्बाद कर देंगे।
रविवार को हुई दो किसानों की मौत को मिलाकर टीकरी बॉर्डर-बहादुरगढ़ में 14 आंदोलनकारियों की मौत हो चुकी है। इलाके में तीनों हाइवे रविवार को भी टोल फ्री रहे। आंदोलनकारी किसानों के समक्ष टोलकर्मियों की एक न चल पाई। रोहद, छारा, मांडोठी और बादली नाकों से सभी हजारों वाहन टोल दिए बिना ही निकलते रहे।
दो राज्यों की सरकारों के वकील रहे आरके राठौर भी अपने साथियों के साथ टीकरी बॉर्डर पहुंचे। इस मौके पर मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि वह केंद्र सरकार द्वारा पास किए गए तीनों कानूनों का अच्छी तरह अध्ययन कर चुके हैं। इन्हें पढ़ने के बाद यह नतीजा निकाला है यह सारे कानून किसानों के खिलाफ हैं और बड़े-बड़े कॉरपोरेट घरानों के हित में बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि कॉज 17 में सरकार ने यह कहा है कि किसानों की जमीन की बिक्री नहीं होगी। कॉज 18 में कहा है अगर किसानों पर कोई जुर्माना होगा तो वह लैंड रेवेन्यू से वसूली होगी, जिसे किसान की जमीन और मकान दोनों बिक जाएंगे।
कर्नाटक से आए किसान सुनील मलिक, अशोक मलिक मदीना, पवन गर्ग, घनश्याम गुप्ता, पप्पू दलाल, सरदार जसवंत सिंह व सरदार केहर सिंह भी सिंह मौके पर मौजूद थे। किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष दीपक देशवाल ने किसानों के पड़ाव में सेवा मुहिम चलाई। भंडारे का आयोजन किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के तीन काले कानूनों के विरोध में देशभर के किसान दिल्ली की सीमाओं पर शांतिपूर्ण ढंग से बैठकर आंदोलन कर रहे हैं। बेमौसम बारिश और शीत हवाओं से अन्नदाता परेशान हैं। हर रोज हजारों किसान सर्द मौसम के कारण बीमार हो रहे हैं। देशवाल ने कहा कि 38 दिन से दिल्ली की सीमाओं पर देश के अन्नदाता बैठे हैं और 40 से ज्यादा शहादत दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा और केंद्र सरकार की 4 जनवरी को होने वाली वार्ता में भाजपा सरकार को किसान के हकों के लिए एमएसपी के लिए कानून और तीनों कानून रद्द करने की किसानों की बात मान लेनी चाहिए।