गेहूं को उठाकर गाड़ी में लोड करते श्रमिक।
बहादुरगढ़। शहर की अनाज मंडी में करीब चार हजार क्विंटल सरसों और ढाई हजार गेहूं खुले में पड़ा है। शनिवार शाम को बारिश में काफी फसल भीग गई। श्रमिकों ने तिरपाल से ढककर उसे बचाने की कोशिश की। गनीमत नहीं कि बारिश 10 मिनट में ही बंद हो गई अन्यथा काफी नुकसान हो सकता था। किसान और आढ़तियों ने प्रशासन से तेजी से उठान कर फसल को गोदाम में भिजवाने की मांग की है। मौसम विभाग के अधिकारियों ने 14 और 15 अप्रैल को भी बारिश की संभावना जताई है। मंडी में फसल लाने वाले किसान भी चिंतित हैं कि खरीद से पहले यदि फसल भीग गई तो सरकारी मंडी में उसे बेचने में दिक्कत होगी।
शनिवार को दोपहर बाद हुई बारिश के बाद उसे ढकने का काम शुरू किया गया। हालांकि तेज बारिश 10 मिनट तक हुई। इसकी मात्रा 2.6 एमएम रही। इसके बाद हल्की बूंदाबांदी हुई। यदि बारिश तेज होती तो खुले में रखी सरसों और गेहूं की फसल को काफी नुकसान हो जाता। मंडी में फिलहाल चार हजार क्विंटल सरसों और ढाई हजार क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा हुआ है। शनिवार को दिन भर दोनों फसलों का उठान लगातार जारी रहा। बारिश के दौरान भी गेहूं का उठान श्रमिकों द्वारा किया गया। शनिवार को बहादुरगढ़ और आसौदा में खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा 2937 क्विंटल गेहूं खरीदा गया। जबकि बहादुरगढ़ अनाज मंडी में 873 क्विंटल सरसों की खरीद हुई।
बहादुरगढ़ मंडी में सरसों की खरीद 15 दिन से हो रही है। उठान कार्य बेहद धीमा है। शनिवार को बारिश हुई तो अधिकारियों ने आनन-फानन में मंडी में खुले में पड़ी फसल में से कुछ को ढक दिया गया, लेकिन अधिकतर बोरे में खुले में पड़ी रही। बारिश 10 मिनट तक हुई। हालांकि फसल ज्यादा नहीं भीग सकी, लेकिन यदि बारिश तेज होती तो कहीं ज्यादा नुकसान होता। शनिवार को बहादुरगढ़ मंडी में 1069 क्विंटल गेहूं पहुंचा। इसमें से 90 क्विंटल खरीदा गया। वहीं आसौदा मंडी में 4 हजार 6 क्विंटल गेहूं बिक्री के लिए आया। इसमें से 2027 क्विंटल गेहूं खरीदा गया।
वर्जन...
अनाज मंडी में गेहूं और सरसों की बोरियों को तिरपाल से ढका गया है। दोपहर के समय मौसम को देखते हुए फसलों को ढकने का काम शुरू कर दिया गया। उठान कार्य में तेजी लाई गई है। जल्द से जल्द पूरी फसल को उठवाया जाएगा।
-अंजू दलाल, सचिव, मार्केट कमेटी, बहादुरगढ़।