बार्डर पर पैदल यात्रियों के लिए रास्ता खुलवाने की मांग को लेकर एएसपी से बातचीत करते ग्रामीण।
बादली। किसान आंदोलन को देखते हुए दिल्ली सीमा पर सील लगाने के बाद परेशानी दिनों दिन बढ़ती जा रही है। वाहन चालकों के साथ साथ पैदल यात्रियों की परेशानी का भी कोई पैमाना नहीं रहा। शुक्रवार को गांवों के सामाजिक लोगों ने एएसपी से मिलकर पैदल यात्रियों के लिए रास्ता खोलने की मांग की है। ग्रामीणों ने हवाला दिया कि सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं। छात्रों को कई किलोमीटर खेतों के रास्ते पैदल ही बार्डर पर पहुंचना पड़ रहा है।
होशियार सिंह गुलिया के साथ कई गांवों का एक प्रतिनिधिमंडल एएसपी शुभम सिंह से मिला। होशियार सिंह ने बताया कि दिल्ली के ढांसा बार्डर को सील कर दिया गया है। यात्रियों को पैदल निकलने का रास्ता भी नहीं है। दैनिक यात्रा कई किलोमीटर का रास्ता पैदल ही तय करने पर मजबूर है। इसके अतिरिक्त हरियाणा पुलिस की ओर से कोई बादली और ढांसा बार्डर के लिए कोई एडवाइजरी जारी नहीं की गई है। ग्रामीणों ने मांग उठाई की बार्डर पर पैदल यात्रियों के लिए रास्ता खुलवाया जाए। कुछ जगह पर पुलिस कर्मचारियों की तैनाती कर दिशा निर्देश भी लगाए जाए। जिससे कि यात्रियों को इधर उधर नहीं भटकना पड़े।
एएसपी शुभम सिंह ने बताया कि पैदल यात्रियों के लिए रास्ता खोले जाने के लिए दिल्ली पुलिस के अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। जबकि आमजन के लिए एडवाईजरी जारी की गई है। इसमें एयरपोर्ट दिल्ली जाने के लिए बादली से बाढ़सा, बाढ़सा से गुरुग्राम, गुरुग्राम से दवारका एक्सप्रेस का प्रयोग किया जाए। दिल्ली नजफगढ़ जाने के लिए बादली से लोहट, लोहट से गालिमपुर दिल्ली जाए। दिल्ली जाने के लिए बादली से दरियापुर-गालिमपुर दिल्ली, एंबुलेंस का रास्ता बादली से ईस्सापुर दिल्ली के लिए बनाया गया है।