05जेएनडी03: जिला स्तरीय सम्मेलन में भाग लेते सीटू कार्यकर्ता। स्रोत : संगठन
जींद। शहर के मजदूर भवन में सीटू का 11वां जिला सम्मेलन काॅमरेड रमेश चंद्र की अध्यक्षता में हुआ। इसमें प्रदेश व केंद्र सरकार की मजदूर व जन विरोधी नीतियों को लेकर कटाक्ष किया। श्रम कानूनों की बहाली और आउटसोर्सिंग नीति को बंद करने, न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये लागू करने, ईएसआई, पीएफ और पेंशन की अनिवार्यता की मांग की गई।
सीटू के राज्य महासचिव कॉमरेड जयभगवान ने कहा कि आज देश में श्रम कानूनों को कमजोर किया जा रहा है। स्थाई रोजगार समाप्त कर ठेका-प्रथा और आउटसोर्सिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार पूंजीवादी और सांप्रदायिक ताकतों के गठजोड़ से मजदूर वर्ग को जाति-धर्म के नाम पर बांटने की कोशिश कर रही है।
सरकार संविधान के साथ छेड़खानी कर रही है। उसकी मूल धाराओं को कमजोर करने के लिए काम किया जा रहा है। गरीब वर्ग के तबके के वोट काटे जा रहे हैं। यह आमजन के अधिकारों पर हमला है। उन्होंने बिहार का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां पर लाखों गरीबों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।
काॅमरेड कपूर सिंह ने कहा कि हमें जाति-धर्म की दीवारों को तोड़कर शोषण, अन्याय और संविधान विरोधी नीतियों के खिलाफ डटकर खड़ा होना होगा। राज्य अध्यक्ष कॉमरेड सुरेखा ने कहा कि हमें हर गांव, शहर की बस्तियों, फैक्ट्रियों में हर वर्कर तक पहुंच बनानी है। उन्होंने स्कीम वर्कर्स (आंगनबाड़ी, आशा, मिड-डे मील) की बदतर स्थिति पर चिंता जताई और उनके लिए सम्मानजनक वेतन, सामाजिक सुरक्षा और बेहतर कार्य-परिस्थितियों की मांग की।
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कमेटी के जिला प्रधान बने रमेश चंद्र
सम्मेलन में नई 27 सदस्यीय जिला कमेटी का सर्वसम्मति से गठन किया गया। इसमें जिला प्रधान कॉमरेड रमेश चंद्र, जिला सचिव संदीप जाजवान, जिला कोषाध्यक्ष कॉमरेड पवन कुमार को नियुक्त किया गया।