बहादुरगढ़। इलाके में जानलेवा बीमारी डेंगू का खौफ लगातार लोगों को सता रहा है। मरीजों का ग्राफ भी बढ़ता जा रहा है। अभी त क बहादुरगढ़ क्षेत्र में करीब 90 संभावित केसों में से एलाइजा टेस्ट के दौरान 30 पॉजिटिव केस सामने आए हैं। जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। विभाग के आला अधिकारी इस बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने में लगे हैं। इसके लिए सात टीमें गठित की गई हैं। घरों में डेंगू मच्छर के लार्वे की खोजबीन में विभागीय टीम जुटी है। इसको लेकर पूरी रिपोर्ट तक तैयार की जा रही है। अभी तक यहां पर किसी भी मरीज की डेंगू से मौत होने की पुष्टि नहीं हुई है।
जिला स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत डीएमओ डॉ. कश्मीर दलाल ने बताया कि डेंगू को लेकर जिला महामारी अधिकारी डॉ. नितिन हर संभावित पॉजिटिव केसों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि बहादुरगढ़ के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक 30 पॉजिटिव केस निकल चुके हैं। पीएचसी मांडोठी के तहत तीन केस सामने आए हैं। इनमें दो सांखोल व एक जाखोदा से है। जबकि कानोन्दा पीएचसी के तहत सात पाजीटिव केस मिले हैं। इसके अलावा शहरी क्षेत्र में भी सात केस निकले हैं। जबकि 13 केस जिले से बाहर के हैं।
जिनमें 11 दिल्ली व दो रोहतक से संबंधित क्षेत्र के हैं, लेकिन उक्त व्यक्तियों की जांच बहादुरगढ़ में एलाइजा टेस्ट से हुई थी। आमजन को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 50 हजार पंपलेट लोगों में वितरित करने के लिए मंगवाए हुए हैं। इस कार्य में टीमें जुटी भी है।
-बुखार ग्रस्त मरीजों का सर्वे जिन इलाकों में डेंगू पॉजिटिव व संभावित केस मिले हैं, वहां पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से फीवर सर्वे कराया जा रहा है। आसपास जो भी व्यक्ति बुखार से पीड़ित मिल रहे हैं, उनकी जांच के लिए स्लाइड तैयार की जा रही हैं। सभी का डाटा जुटाया जा रहा है। डीएमओ डॉ. दलाल ने बताया कि अभी तक जितने भी केस मिले हैं, वे सब इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से उन कॉलोनियों और बस्तियों का दौरा किया जा रहा है, जहां मच्छर पनपने की ज्यादा संभावना है। इसके लिए सात टीमें गठित की गई हैं। जिसमें एक एसएमओ, एमओ, फार्मासिस्ट, लेब टेक्निशियन, एमपीएचडब्लयू मेल वर्कर, आशा वर्कर व एएनएम शामिल हैं। सभी लोगों के घरों में जाकर छतों पर टंकियों, कूलरों व जलभराव वाली जगहों पर जांच कर रही हैं। जिन कूलरों में पानी भरा दिखाई देता है, उन्हें एहतियात के तौर पर खाली करवाया जा रहा है।
ये सावधानियां बरतें
बुखार होने पर चिकित्सक की सलाह के बगैर दवा न लें। अगर दवा लेनी ही है तो केवल पारासिटामोल ही लें। दूसरी दर्द निवारक दवाएं न लें। वायरल से ग्रस्त व्यक्तियों को खान-पान में विशेष ध्यान देना चाहिए। अधिक से अधिक तरल पदार्थ लेना चाहिए। बुखार को हलके में न लें। मच्छरों से बचें। पूरे बदन को ढकने वाले कपड़े पहनें।
ये ध्यान रखें
डेंगू मच्छर साफ पानी में ही पनपता है। ऐसे में आमजन को चाहिए कि वे अपने आसपास के क्षेत्र में पानी न जमा होने दें। कूलर व पानी की टंकियों की नियमित सफाई करें।
-डेंगू का मच्छर दिन में काटता है। यह साफ जगह पर ही रहता है। अक्सर सुबह और शाम के दो-दो घंटे में ज्यादा सक्रिय रहता है। मच्छर के काटने पर कुछ रोज बाद ही बुखार होने लगता है। इसमें तेज या कम बुखार, बदन दर्द, सिर दर्द, जोड़ों का दर्द, पेट में दर्द, उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगती है। डेंगू बीमारी के दौरान शरीर पर लाल रंग के चकत्ते बनने लगते हैं। प्लेटलेट्स लगातार कम होती चली जाती हैं। ऐसे में पारासिटामोल के अलावा कोई दवा नहीं लेनी चाहिए। विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेकर ही इलाज कराना चाहिए।
कई गांवों में जलभराव की स्थिति
जिले में डेंगू का खौफ लोगों को खूब सता रहा है। बरसात के बाद कई गांवों में अभी तक जलभराव की स्थिति है। गांव छारा, मां डोठी, छुड़ानी, आसोदा, जाखोदा, कानोन्दा, खेड़का-गुर्जर, बुपनियां सहित बादली क्षेत्र के कई गांवों में जगह-जगह जलभराव है। ऐसे में यहां पर भी मच्छरों की फौज पनप रही है। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से मच्छरमार दवा के छिड़काव की मांग की है।