बहादुरगढ़। कृषि संबंधी तीन कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसान संगठनों ने आज मंगलवार को भारत बंद का आह्वान किया है। किसानों को दिल्ली में प्रवेश न मिलने की वजह से बहादुरगढ़ इस आंदोलन का दूसरा प्रमुख केंद्र बना हुआ है। इसलिए किसान संगठनों के भारत बंद का बहादुरगढ़ में व्यापक असर रहने की संभावना है। तमाम विपक्षी दल और कई संगठन बंद को सफल बनाने की कोशिश में लगे हैं। राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने इसे किसानों को मजबूत करने वाला कदम बताया है।
किसान आंदोलन बदला जन आंदोलन में
राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा सोमवार को एक बार फिर टीकरी बॉर्डर पर पहुंचे और किसान आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने किसानों की सेवा में लगे सभी साथियों का धन्यवाद किया। हुड्डा ने कहा कि यह किसान आंदोलन जन आंदोलन में बदल गया है। देश भर के हर संगठन, हर वर्ग ने शांतिपूर्ण और अनुशासित किसान आंदोलन को अपना समर्थन दिया है। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने किसानों और किसान संगठनों द्वारा प्रस्तावित 8 दिसंबर के भारत बंद का पूर्ण समर्थन किया। इसके बाद वे जंतर- मंतर पहुंचे और वहां हरियाणा से अकेले विपक्षी सांसद व पंजाब के सभी विपक्षी सांसदों के साथ एकजुट होकर धरने में शामिल हुए। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत कृषि कानूनों को रद्द करे, इसके लिए शीघ्र संसद का विशेष सत्र बुलाया जाए। किसान विरोधी कानूनों को रद्द करने का जो विधेयक संसद में आएगा, सारा प्रतिपक्ष उसका समर्थन करेगा।
पार्टी का हर कार्यकर्ता देगा बंद में किसानों का साथ : नफे सिंह
इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक नफे सिंह राठी ने कहा कि उनकी पार्टी का हर पदाधिकारी व कार्यकर्ता इस बंद को सफल बनाने के लिए किसानों का साथ देगा। शांतिप्रिय तरीके से बंद को सफल बनाया जाएगा। उन्होंने शहर के व्यापारियों, दुकानदारों से भी इसमें शामिल होने का आह्वान किया है।
-फोटो 4 : आंदोलनरत किसानों के बीच बैठे राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा।
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