फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Haryana: 45 घंटे बाद मिले दोनों बच्चियों के शव, शुक्रवार को नहर में पांव फिसलने से हुआ था हादसा

Sun, 27 Jul 2025 05:06 PM IST
शाहिल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी बहादुरगढ़

सार

एनसीआर नहर में बही दो बच्चियों के शव 45 घंटे बाद बरामद हुए हैं। बीते शुक्रवार को एनसीआर नहर में दो भांजियां और मामा डूब गए थे। मामा का शव शनिवार को बरामद हो गया था। 
विज्ञापन
Dead body demo - फोटो : istock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बहादुरगढ़ के गांव रोहद और मांडौठी के बीच से गुजर रही एनसीआर नहर में दो भांजियां और मामा डूब गए थे। मामा का शव शनिवार की सुबह गोताखोरों ने ढूंढ निकाला था। वहीं, दोनों भांजियों के शवों का कोई पता नहीं चल रहा था। आखिरकार 45 घंटे बीतने के बाद दोनों के शव मिल गए। दोनों शव बादली क्षेत्र में मिले हैं। इनमें एक घटना स्थल से 20 किलोमीटर तो दूसरा 35 किलोमीटर दूर मिला है। दोनों के शवों को पुलिस ने कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल में शवगृह में रखवाया है। 
विज्ञापन

सोमवार को होगा पोस्टमार्टम 

दरअसल, रोहद गांव में किराए के मकान में रहने वाला सुनील उम्र 28 साल अपनी भांजियों रागिनी और उर्मी के साथ शुक्रवार की शाम एनसीआर नहर पर कपड़े धोने के लिए गया था। कपड़े धोते वक्त उसकी भांजियों का पैर फिसल गया और वह नहर में गिर गई थी। भांजियों को बचाते हुए मामा सुनील भी नहर में कूद पड़ा था और वह भी डूब गया था। शुक्रवार शाम से नहर में तीनों के शवों की तलाश की जा रही थी। 

शनिवार को सुनील का शव मिल गया था जबकि दोनों भांजियों के शव बहकर आगे निकल गए थे। गोताखोरों और पुलिस की टीमों ने शवों को ढूंढने का भरसक प्रयास किया, लेकिन शव नहीं मिल सके थे। रविवार को घटना के 45 घंटे बीतने के बाद दोनों शव बादली क्षेत्र से बरामद किए गए। इनमें 7 साल की उर्मी का शव घटना स्थल से 20 किलोमीटर दूर गोयला कलां गांव के पास और रागिनी उम्र 10 साल का शव 35 किलोमीटर मुंडाहेड़ा (बादली) क्षेत्र में मिला। बता दें कि शवों को ढूंढने के लिए चार एसडीआरएफ गोताखोर और पुलिस की टीमें जुटी रही। 
विज्ञापन


मौके पर आसौदा थाना एसएचओ अमित कुमार और एएसआई संदीप कुमार भी डटे रहे। मृतक सुनील बिहार के समस्तीपुर जिले के गांव मंझोली का रहने वाला था। डूबने वाली दोनों भांजिया रोहद गांव में अपनी मां के साथ ही रहती हैं। मृतक दोनों बेटियों की मां सोना रोहद गांव स्थित एक फैक्टरी में काम करती हैं। उनकी चार बेटिया हैं। इनमें दो की नहर में डूबने से मौत हो गई। जबकि दो उनके साथ रहती हैं। पति चरण सिंह का डेढ़ साल पहले बीमारी के कारण निधन हो चुका है। भाई सुनील का भी शव शनिवार को नहर से निकाला गया था।

बता दें कि एनसीआर नहर में नहाने उतरे लोग भी हादसे का शिकार हो चुके हैं जिसके कारण प्रशासन समय समय पर नहर में कपड़े धोने और नहाने पर प्रतिबंध लगाता है और चेतावनी भी जारी करता रहा है, बावजूद इसके लोग गहरी नहरों में भी नहाने और कपड़े धोने से बाज नही आ रहे जिसके कारण आज भी हादसे लगातार हो रहे हैं।

रोहद-मांडोठी गांव के पास से गुजर रही एनसीआर माइनर में शुक्रवार शाम मामा और दो भांजियों के डूबने की सूचना मिली थी। सूचना पर पुलिस और गोताखोर पहुंचे। शनिवार की दोपहर सुनील के शव को बाहर निकाला गया था। रविवार को दोपहर 1 बजे दोनों बच्चियों के शव भी मिल गए हैं। दोनों के शव पोस्टमार्टम हाउस में रखे गए हैं। सोमवार को शवों का पोस्टमार्टम होगा। -मयंक मिश्रा, डीसीपी, बहादुरगढ़
विज्ञापन



 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें