झज्जर। बेटियां अब किसी भी क्षेत्र में बेटों से पीछे नहीं हैं। शिक्षा विभाग अब उन्हें और सशक्त बनाने के लिए आत्मरक्षा के गुर सिखा रहा है। जिले के 147 स्कूलों में रानी लक्ष्मीबाई आत्म रक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत जिले की 8820 होनहार बेटियां मार्शल आर्ट सीख रहीं हैं। लड़कियों को तीन चरणों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रार्थना सभा के दौरान, दोपहर के भोजन के समय और स्कूल की छुट्टी के से पहले आखिरी पीरियड में लड़कियों को डेढ़ घंटे का आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत दसवीं से 12वीं कक्षा की लड़कियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। समग्र शिक्षा अभियान के सहायक परियोजना संयोजक विशाल दहिया ने बताया कि यह कार्यक्रम लड़कियों को खूब भा रहा है और लड़कियां बढ़-चढ़कर मार्शल आर्ट कला सीखने में दिलचस्पी ले रही है। उनके परिजन भी बेटियों को इसे सिखाने के लिए कह रहे हैं। वह भी चाहते हैं कि उनकी अपनी सुरक्षा खुद करे। इसे सीख रही लड़कियों ने बताया कि यह कार्यक्रम बहुत अच्छा है और उसमें अकेले आने-जाने में इन्होंने डर नहीं लगेगा और उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। यह कार्यक्रम दिसंबर के महीने तक चलाया जाएगा ताकि लड़कियां पूरी तरह से मार्शल आर्ट को सीख कर आगे बढ़ सके।
वर्जन
समग्र शिक्षा के तहत जिले की लड़कियों को आत्मरक्षा के लिए शास्त्रांग कार्यक्रम बेटियों के लिए वरदान साबित हो रहा हैं। बेटियां मार्शल आर्ट सीखकर निडर बन रही हैं।
विनोद लांबा, जिला परियोजना संयोजक, झज्जर