किसान मात्र 375 से 500 रुपये देकर अपनी फसल का 25 हजार रुपये तक का बीमा करवा सकेंगे। खास बात यह है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बाकी की जो बीमा राशि होगी उसका भुगतान केंद्र व राज्य सरकार बराबर-बराबर करेंगे।
कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने किसानों से आग्रह किया है कि वे अगली खरीफ की फल से आरंभ होने वाली योजना का लाभ उठाएं। ताकि किसी तरह के नुकसान होने पर उनके नुकसान की भरपाई बीमा राशि से हो सके। कृषि मंत्री ने सोमवार को एक बयान में कहा कि किसानों को फसल में होने वाले नुकसान से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लांच की है, जो अब तक की सबसे अच्छी योजना है। किसान अपनी फसल का 25 हजार रुपये तक का बीमा करवा सकते हैं। खरीफ की फसल के लिए किसान को अपनी जेब से केवल दो प्रतिशत यानी पांच सौ रुपये देने होंगे।
शेष राशि जो पांच हजार में से आधा राज्य सरकार और आधा पैसा केंद्र सरकार देगी। इसी प्रकार रबी की फसल यानी गेहूं की फसल के लिए किसान को केवल डेढ़ प्रतिशत राशि यानी 375 रुपये ही देने होंगे। धान के बीमा के लिए केवल पांच सौ रुपये देने होंगे। शेष पांच हजार की बीमा राशि केंद्र व राज्य सरकार करेगी। उन्होंने बताया कि यदि जलभराव के कारण बुआई नहीं हो पाए तो भी बीमे की राशि का भुगतान किसान को मिलने की व्यवस्था इस योजना में की गई है। इस योजना में बागवानी सहित सभी प्रकार हल्की फसलें कवर की जा सकती हैं।