अनाज मंडी में गेहूं के कट्टों की ढेरी लगाते श्रमिक। संवाद
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झज्जर। सरकार की तरफ से गेहूं की खरीद के लिए जिले में नौ अनाज मंडियां निर्धारित की गई हैं। जिनमें अब तक केवल चार अनाज मंडियों में गेहूं की खरीद का कार्य शुरू हो पाया है। अब तक केवल 5090 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। जिसमें से मात्र 270 क्विंटल गेहूं उठान हुआ है।
जिले में 76 किसानों की गेहूं की फसल फिलहाल तक खरीदी गई है। जिनमें से झज्जर की अनाज मंडी में 1180 क्विंटल, ढ़ाकला की अनाज मंडी में 2130 क्विंटल, बेरी के अनाज मंडी में 150 क्विंटल व मातनहेल की अनाज मंडी में 1630 क्विंटल गेहूं की खरीद हो पाई है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार मातनहेल की अनाज मंडी से मात्र 270 क्विंटल गेहूं का उठान हो पाया है।
सरकार की तरफ से गेहूं की खरीद के लिए चार खरीद एजेंसियां निर्धारित की गई हैं। जिनमें खाद्य आपूर्ति विभाग, एफसीआई, हैफेड व हरियाणा वेयर हाउस कॉरपोरेशन की तरफ से गेहूं की खरीद की जा रही है। जिले की अनाज मंडियों में गेहूं की खरीद के लिए सरकार की तरफ से चंडीगढ़ मुख्यालय से किसानों के पास संदेश भेजे जा रहे हैं। जिन संदेश के हिसाब से ही किसान अपनी फसल को लेकर अनाज मंडियों में आ रहे हैं और उन किसानों को ही मार्केट कमेटी की तरफ से गेट पास जारी किए जा रहे हैं। जिन किसानों के पास सरकार की तरफ से संदेश भेजे जाते हैं उन किसानों के गेट पास मंडी में दिए जा रहे हैं और उन किसानों की फसल खरीदी जा रही है।
वर्जन
किसानों के पास अनाज की खरीद के लिए चंडीगढ़ मुख्यालय से मोबाइल पर संदेश भेजे जा रहे हैं। वे किसान ही अनाज मंडियों में गेहूं लेकर आ रहे हैं। जिन किसानों के गेहूं में नमी नहीं है उन्हें उसी दिन खरीदा जा रहा है। जिन किसानों के गेहूं में नमी होती है उसे सूखने के लिए एक या दो दिन छोड़ा जाता है। नमी की मात्रा सही होने पर उसे खरीद लिया जाता है।
- अमरजीत सिंह, मंडी सुपरवाइजर, झज्जर।