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9 किसानों ने कराया था फसल बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन, एक भी नहीं पहुंचा

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बहादुरगढ़। शहर की अनाज मंडी में दूसरे दिन भी गेहूं की सरकारी खरीद नहीं शुरू हो पाई। हालांकि मार्केट कमेटी की तरफ से खरीद के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सरकार की तरफ से 1 अप्रैल से अनाज मंडियों में गेहूं की खरीद शुरू कर दी गई हैं। शुक्रवार को बहादुरगढ़ अनाज मंडी में गेहूं की बिक्री के लिए 9 किसानों की तरफ से रजिस्ट्रेशन कराया गया था। मगर एक भी किसान नहीं पहुंचा। आढ़तियों का कहना है कि अभी बहादुरगढ़ के ग्रामीण इलाके में गेहूं की कटाई थ्रेसिंग का कार्य शुरू नहीं हो पाया है, क्योंकि अभी फसलों में नमी है। आने वाले दिनों में नमी कम होगी, फसल पूरी तरह पककर तैयार हो जाएगी तो मंडियों में फसल बिक्री के लिए पहुंचेगी। उधर, अनाज मंडी में सरसों की फसल पहुंच रही है जिन्हें मंडी के आढ़ती खरीद रहे हैं।
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बहादुरगढ़ में हरियाणा राज्य खाद भंडारण निगम और हैफेड की तरफ से गेहूं की खरीद की जाएगी। एक अप्रैल से यह खरीद शुरू हो गई है। सरकार की ओर से गेहूं का समर्थन मूल्य 1975 प्रति क्विंटल है। शुक्रवार को 9 किसानों ने गेहूं की फसल बेचने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराया था। मगर इनमें से एक भी किसान बिक्री के लिए नहीं पहुंचा।
मार्केट कमेटी के सुपरवाइजर अनिल कुमार ने बताया कि यदि कोई किसान अपनी गेहूं की फसल बेचने के लिए पहुंचता है तो वे उनकी फसल खरीदने के लिए तैयार हैं। मगर दो दिनों में कोई भी किसान बहादुरगढ़ की अनाज मंडी में नहीं पहुंचा। सरकार की तरफ से फसल खरीद की सारी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई है। उधर आसोदा में भी खरीद केंद्र बनाए गए हैं, वहां पर भी कोई किसान फसल बेचने के लिए नहीं पहुंचा है।
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अभी गेहूं में है नमी
अनाज मंडी के आढ़ती कालू का कहना है कि अभी गेहूं में नमी है। बहादुरगढ़ के ग्रामीण इलाके में कटाई और थ्रेसिंग का काम सही ढंग से शुरू नहीं हुआ है। इसलिए कोई किसान मंडी में गेहूं लेकर नहीं आ पा रहा। लेकिन मंडी के तमाम 12 लाइसेंस होल्डर आढ़ती गेहूं खरीदने के लिए तैयार हैं। फिलहाल मंडी में सरसों की आवक चल रही है और आढ़ती 4800 से 5000 के बीच में सरसों खरीद रहे हैं। जबकि सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य 4450 रुपये क्विंटल है। इसलिए किसान व्यापारियों को ही अपनी सरसों बेचने में लाभ समझते हैं।
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