झज्जर। भविष्य में गंभीर मरीजों का इलाज जिला मुख्यालय स्थित सिविल अस्पताल में ही हो सकेगा। इसके लिए सरकारी अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण होगा। इसके लिए सिविल अस्पताल में जगह फाइनल कर ली गई है। मुख्यालय को इसका एस्टीमेट तैयार कर भेज दिया है और अब केवल बजट का इंतजार है। बजट आते ही उसे पीडब्ल्यूडी बीएंडआर को ट्रांसफर कर दिया जाएगा और काम शुरू हो जाएगा।
सिविल अस्पताल में फिलहाल गंभीर मरीज आने की स्थिति में उसे रोहतक पीजीआईएमएस या दिल्ली रेफर करना पड़ता है। ऐसे में कई बार मरीजों की जान तक बन आती है। पिछले कुछ साल के दौरान कई ऐसे मामले हो चुके हैं, जब गंभीर होने की स्थिति में मरीज को रेफर करना पड़ता है। कई गर्भवती महिलाओं को रेफर करने के मामले में तो कई बार रास्ते में ही डिलीवरी के केस हो चुके हैं। ऐसे में अब सड़क हादसे में घायल या डिलीवरी के गंभीर केसों में मरीजों को रेफर करने की बजाय यहीं इलाज मिल सकेगा।
सिविल अस्पताल में आधुनिक लैब भी बनेगी
क्रिटिकल केयर यूनिट के साथ ही आधुनिक नई लैब भी बनाई जाएगी। इसमें आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी। इसमें भी सभी प्रकार के टेस्ट की सुविधा हो सकेगी। यहां इसकी नई बिल्डिंग तैयार की जाएगी। फिलहाल जो बिल्डिंग है, उसमें सैंपल देने के बाद बाहर धूप में ही मरीजों को बैठना पड़ता है। उनके बैठने की कोई सुविधा तक नहीं है। यही नहीं जिलास्तरीय इंटीग्रेटिड लैब को फिलहाल तीसरी मंजिल पर स्थापित किया गया है।
यह है क्रिटिकल केयर यूनिट
क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) को आईसीयू के रूप में भी जाना जाता है। यह अस्पताल का एक विशेष विभाग है, जिसमें मरीज की गहन देखभाल कर दवाएं दी जाती हैं और आधुनिक सुविधाओं से लैस होता है। गहन देखभाल इकाइयों में सबसे गंभीर चोटों और बीमारियों वाले ऐसे रोगियों का इलाज किया जाता है, जिनके जीवन को खतरा रहता है। विशेषज्ञ उपकरणों से निरंतर मरीज की निगरानी की जाती है। इसमें उच्च प्रशिक्षित डॉक्टर, नर्स व स्टाफ को रखा जाता है।
सिविल अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट व आधुनिक लैब बनाई जानी है। मुख्यालय के पास फाइल भेज दी गई है। बजट आने के बाद उसे पीडब्ल्यूडी बीएंडआर को ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
- डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, सिविल सर्जन, झज्जर