इनेलो प्रदेशाध्यक्ष नफे सिंह राठी की हत्या की वजह बेशक अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन हत्यारों ने पूरी योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया। अनुमान लगाया जा रहा है कि उन्होंने पूर्व विधायक नफे सिंह की रेकी की और जब फाटक पर गाड़ी रुकी तो वारदात को अंजाम दिया। फाटक 5 बजकर 10 मिनट पर बंद हुआ था, उसके चंद मिनटों बाद ही फाटक खुलने से पहले बदमाशों ने धावा बोल दिया।
फाटक बंद होने के कारण आसपास कई अन्य वाहन चालक व राहगीर भी थे, लेकिन बदमाशों ने लक्ष्य करके नफे सिंह की गाड़ी को ही घेरकर गोलियां बरसाईं। बदमाश 50 से अधिक गोली चलाने के बाद हवाई फायरिंग करते हुए भाग गए। कुछ मीटर आगे जाकर गाड़ी मोड़ते वक्त भी बदमाशों ने गोलियां चलाईं।
घटनास्थल के नजदीक ही रेलवे फाटक के साथ सोमवार को होने वाले कार्यक्रम की तैयारी चल रही थी। जैसे ही गोलियों की तड़तड़ाहट की आवाज सुनी तो पंडाल में मौजूद लोग भी वारदात स्थल की ओर भागे। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो बदमाशों ने अत्याधुनिक हथियारों से गोलियां चलाईं। गोली चलाने वाले हमलावर नौजवान थे। उन्होंने चेहरा भी नहीं ढक रखा था। मौके पर मौजूद एक युवक ही उनकी गाड़ी लेकर अस्पताल तक पहुंचा और भर्ती कराया।
पहले से रेकी की आशंका
पूर्व विधायक नफे सिंह आसौदा में आयोजित एक समारोह में शिरकत करने के बाद बराही पहुंचे थे और यहां से लौट रहे थे। ऐसे में ये अनुमान भी है कि वहीं से उनका पीछा अथवा रेकी की जा रही हो। नफे सिंह राठी के गले, रीढ़ की हड्डी के पास, पेट के साइड तरफ, कंधे और जांघ आदि में गोली लगी है। वहीं जयकिशन की भी कई गोली लगने से जान गई।
जयकिशन गांव मांडोठी के निवासी थे। जनस्वास्थ्य विभाग से बतौर एसडीई रिटायर्ड थे। फिलहाल बहादुरगढ़ में रह रहे थे और इनेलो पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता थे जबकि घायल संजीत कबलाना तो संजय गांव धौड़ का निवासी हैं। उनका उपचार अभी जारी है।
जिस तरफ बदमाश भागे, पुलिस ने खंगालने शुरू किए सीसीटीवी कैमरे
नफे सिंह राठी की हत्या की सूचना जैसे ही पुलिस को मिली तो तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में सीआईए, एसटीएफ, जीआरपी, आरपीएफ सहित विभिन्न थानों की टीमों ने भागदौड़ शुरू की। जिस तरफ बदमाश भागे, वहां सीसीटीवी कैमरे खंगालने की प्रक्रिया शुरू की। इधर, जैसे ही समर्थकों को वारदात का पता चला तो अस्पताल के बाहर लोगों की भीड़ जुटनी हो गई। 10 बजे तक तो सैंकड़ों समर्थक जुट चुके थे।