गांव छारा के जिस परिवार के चार सदस्यों की चाय पीने के बाद हालत गंभीर हो गई थी, उनके स्वास्थ्य में अब सुधार हो रहा है। मां, एक बेटा, बेटी बेसुध अवस्था से कुछ उभरे हैं, लेकिन छोटे बेटे की हालत ज्यादा ठीक नहीं है। थाना सदर और मांडोठी चौकी पुलिस ने रविवार को इस मामले में गांव और रोहतक पीजीआई पहुंचकर जानकारी जुटाने का प्रयास किया, लेकिन अभी कोई अहम सुराग हाथ नहीं लगा है।
चौकी प्रभारी योमेश कुमार ने बताया कि रविवार को वे पहले गांव में पहुंचे और उसके बाद रोहतक पीजीआई भी टीम गई, जिसमें संतोष, संदीप, अनीता की हालत में पहले से काफी सुधार मिला है। उन्होंने बताया कि महिला संतोष के पति कर्मबीर के बयान पर दर्ज हुए मामले में आरोपी उसकी बुआ के लड़के धारे को पकड़ने के लिए पुलिस की तीन टीमें लगी हुई हैं।
रविवार को गांव माछरौली, बहादुरगढ़ और नजफगढ़ में भी पुलिस ने छापामारी की, लेकिन उसके बारे में कुछ पता हीं चल पाया। उन्होंने बताया कि धारे दिल्ली के गांव झाड़ोदा के एक व्यक्ति की वैन को बहादुरगढ़ से नजफगढ़ तक के बीच में चलाता था। ऐसे में उसके मालिक से भी उसके बारे में पता किया, लेकिन कुछ खास हाथ नहीं लगा।
चौकी प्रभारी ने बताया कि वह बहादुरगढ़ में ही स्टैंड के नजदीक वैन को खड़ी करके फरार हो गया। ऐसे में उसकी धरपकड़ के लिए संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है। उसके परिवार व रिश्तेदारों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
बता दें कि वह छारा में कर्मबीर के पास अकसर आता-रहता था, लेकिन जब से कर्मबीर के तीन बच्चे और पत्नी चाय के बाद बेसुध हालत में मिले, तभी से धारे फरार है। कर्मबीर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि चाय बनाने के लिए उसकी बुआ का लड़का धारे ही दूध की थैली लेकर घर पहुंचा था और बाद में उसने स्वयं ही चाय बनाकर संतोष, उसके तीनों बच्चों संदीप, जोगेंद्र और अनीता को दी थी।
चाय पीने के बाद सभी सो गए, लेकिन सुबह देर तक नहीं उठे तो परिजनों ने उन्हें संभाला। देखा तो चारों बेसुध अवस्था में थे। ऐसे में चाय में कुछ मिलाकर पिलाने की आशंका प्रबल होने पर कर्मबीर ने धारे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।