ढाई साल पहले सात फेरे लेकर शादी केे बंधन में बंधी एक विवाहिता ने दहेज की मांग से परेशान होकर आज जहर निगल लिया। पीड़िता द्वारा मरने से पहले मजिस्ट्रेट के सामने दिए बयान के आधार पर उसकी सास पर पुलिस ने दहेज हत्या का केस दर्ज किया है। शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से हुआ। इसके बाद पुलिस ने शव परिजनों के हवाले कर दिया। गांव कसार निवासी काजल तीन बहन-भाइयों में मंझली थी। लगभग ढाई साल पहले उसकी शादी गोहाना के नजदीक लगते सिकंदरपुर माजरा में हुई थी। उसका पति आर्मी में है। वह बहादुरगढ़ के ही एक वुमेन कॉलेज में बीए तृतीय वर्ष की छात्रा थी।
कुछ दिन पूर्व ही वह ससुराल से अपने मायके कसार आई थी। एक जुलाई को उसने संदिग्ध हालातों में जहर निगल लिया। जब परिवार के सदस्यों को पता चला तो वे तुरंत इलाज के लिए शहर के एक प्राइवेट हास्पिटल में लेकर पहुंचे। जहां जिंदगी और मौत से जूझते हुए उसने रविवार को दम तोड़ दिया। जहर खाने को लेकर जब पुलिस को पता चला तो उसके मजिस्ट्रेट बयान दर्ज हुए। मृतक के पिता बिजेंद्र ने भी अपनी बेटी की मौत के लिए उसकी सास को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि बार-बार उसकी बेटी को दहेज कम लाने के लिए परेशान किया जाता था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इसमें काजल ने अपनी मौत के लिए अपनी सास को जिम्मेदार ठहराया, जबकि परिवार के अन्य सदस्यों के व्यवहार को ठीक बताया। अब उसकी मौत होने के बाद पुलिस ने उसकी सास के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज कर कार्रवाई की। रविवार को हुई पोस्टमार्टम की कार्रवाई दौरान मायके के अलावा ससुराल पक्ष के भी कई लोग यहां मौजूद रहे। फिलहाल दहेज हत्या के इस मामले में अभी कोई गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। उधर, ससुराल पक्ष के लोगों का कहना था कि काजल से दहेज नहीं मांगा गया और न ही उसे किसी भी तरह से प्रताड़ित किया।