गांव लडरावण के जोहड़ के साथ लगती झाड़ियों में लगभग 6 माह की बच्ची का भ्रूण मिला है। भ्रूण देख हर किसी ने उस बेरहम मां-बाप को हर किसी ने कोसा जो इसे ऐसी हालत में फेंक गया। इतना ही नहीं जिस किसी को भी इसका पता चला वह घटनास्थल की ओर दौड़ता हुआ आया। पुलिस ने गांव के चौकीदार के बयान पर अज्ञात महिला पर मामला दर्ज कर लिया है।
थाना सदर में तैनात जांच अधिकारी उप निरीक्षक सुभाष चंद्र व मुख्य सिपाही जोगिंद्र ने बताया कि सोमवार की सुबह गांव के चौकीदार जगदीश ने सूचना दी कि लडरावण से कुतुबगढ़ की ओर जाने वाले रास्ते पर बने जोहड़ की दीवार के साथ झाड़ियों में एक बच्चे का भ्रूण पड़ा हुआ है। सूचना पाकर वह तुरंत ही मौके पर पहुंच गए। जांच करने पर पता चला कि यह भ्रूण बच्ची का है और करीब 6 माह के आसपास का था। भ्रूण को कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए सिविल हास्पिटल में लाया गया। ग्रामीणों से भी इस मामले में कुछ जानकारियां जुटाई गई लेकिन कुछ भी पता नहीं चल पाया कि यहां भ्रूण किसने और कब डाला है। चौकीदार के अनुसार सोमवार की सुबह ग्रामीण खेतों की ओर घूमने के लिए गए तो उन्होंने झाड़ियों के साथ नग्न अवस्था में इस भ्रूण को पड़ा देखा और तुरंत इसकी सूचना दी।
गर्भवतियों का खंगाल रहे रिकॉर्ड
जांच अधिकारी के अनुसार उन महिलाओं का पूरा रिकॉर्ड जुटाया जाएगा जो गर्भवती हैं। इस बारे में आंगनबाड़ी वर्करों से भी मदद ली जाएगा। साथ ही स्वास्थ्य अधिकारियों से भी संपर्क कर पता लगाया जाएगा। इसके अलावा आसपास के हास्पिटलों में जाकर भी यह परखा जाएगा कि किस-किस हास्पिटल में एक-दो दिन में महिलाओं ने बच्चे को जन्मा है या फिर उनके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हुई है। साथ में दिल्ली पुलिस से भी मदद लेकर मामला सुलझाने का प्रयास रहेगा। क्योंकि जहां यह वाक्या हुआ है वहां से दिल्ली क्षेत्र भी चंद दूरी पर ही है। कहीं ऐसा न हो कि पैदाइश छिपाने वाली महिलाएं दिल्ली से संबंध न रखती हो। ऐसे में पूरी जांच व सुराग लगने के बाद ही मामले से पर्दा उठ सकता है।