लुकसर गांव की पंचायत ने गांव को शराबमुक्त बनाने का फैसला लिया है। पंचायत के फैसले में गांव की महिलाओं ने भी पूरा सहयोग देने का वादा किया है। पंचायत ने प्रस्ताव पास कर जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा है जिसमें गांव में शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की गई है। गांव लुकसर में लगातार बढ़ रहे हुड़दंग से परेशान ग्रामीणों ने गांव से शराब के ठेके हटवाने के लिए डीसी को पत्र सौंपा है।
पंचायत ने बताया कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र के लुकसर गांव में शराबियों की हुड़दंग बाजी बढ़ने लगी थी। इसके साथ ही देश का भविष्य युवा पीढ़ी भी नशे का शिकार होने लगा था। गांव में हुड़दंगबाजी को खत्म करने के लिए और युवाओं को नशे की बुरी लत से बचाने के लिए समस्त गांववासियों ने बुधवार को डीसी अनीता यादव को लिखित पत्र सौंपकर गांव में से शराब का देशी व अंग्रेजी ठेका हटवाने की मांग की है।
गांव के ही ग्राम सरपंच रामवीर, पंच कविता, अमित कोच, पंच मंजू, दलेल, प्रह्लाद, पंच प्रदीप, राजसिंह, पंच सरिता, धर्मबीर, सुंदर, नीरज, राज रानी, रामचंद्र, रवींद्र, सुरेंद्र, नरेश, सुभाष नंबरदार, राजकुमार, मंजीत, जगबीर आदि ने बताया कि गांव मेें शराब के ठेके खुले होने के कारण गांव का माहौल लगातार बिगड़ने लगा था।
एक ओर जहां शराबी शराब पीकर हुड़दंग मचाते हैं जिसके कारण गांव की शांति व भाईचारा भंग हो रहा है तो वहीं दूसरी ओर आज का युवा भी इसकी ओर बढ़ने लगा है। शराब पीकर घरों में जाकर अपनी पत्नि व बच्चों को पीटना तो कई शराबियों की दिनचर्या बन गई है। ऐसा करने के कारण एक ओर शराबी तो पीकर अपनी मस्ती में चूर हो जाता है मगर परिवार को आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ता है।
ऐसे में ग्राम पंचायत एवं समसत ग्रामवासियों ने इस बात मिलकर निर्णय लिया कि गांव में से शराब के ठेके हटवाए जाएं। ग्रामवासियों ने इस बात के लिए भी प्रण लिया कि वे समाज से इस बुराई को पूरी तरह से मिटाकर ही दम लेंगे। न ही वे खुद शराब का सेवन करेंगे और आगे आने वाली पीढी को भी इससे कोसों दूर रखेंगे।