कुलासी मोड़ के पास वेटरनरी सर्जन से दिनदहाड़े गन दिखाकर युवक कार छीन ले गए। घटना की जानकारी पीड़ितों ने तुरत ही पुलिस को दी, पुलिस ने घेराबंदी भी की, लेकिन वो फरार होने में कामयाब हो गए। हादसे के बाद से डॉक्टर व उसका सहयोगी वीएलडीए सहमे हुए हैं। दिल्ली के हिरण कूदना निवासी वेटरनरी सर्जन डॉ. विरेंद्र व वीएलडीए रण सिंह गांव कुलासी के पशु अस्पताल में कार्यरत हैं।
पीड़ितों ने बताया कि वीरवार को दोनों करीब पौने दो बजे ड्यूटी से बहादुरगढ़ के पशु हास्पिटल में रिपोर्ट जमा करवाने के लिए आ रहे थे। जब वे कुलासी मोड़ के पास पहुंचे तो उनके आगे-आगे चल रही मारुति कार सवार युवकों ने उनकी रिट्ज कार के आगे अड़ा अचानक दी। डॉ. विरेंद्र सिंह ने कहा कि इसके पहले कि हम कुछ समझ पाते कार से दो युवक नीचे उतरे जिनके हाथ में पिस्तौल थी। वे हमारी कार की तरफ चले तो हमने अपनी कार को तेज गति में बैक गियर लगाकर भागने का प्रयास किया। इसी बीच पीछे से एक बाइक सवार आ गया।
उसे बचाने के चक्कर में रिट्ज कार सड़क के साथ संतर में जा फंसी। आरोपी युवकों ने उन्हें रुकने के लिए आवाज दी साथ में कहा कि यदि भागे तो गोली मार दी जाएगी। जिसके बाद वे अपनी जान बचाते हुए गांव की तरफ वापस भागने लगे। इसी बीच मारुति कार सवार युवकों ने संतर में फंसी उसकी रिट्ज कार को वहां से निकाल लिया और बाद में उसे लेकर फरार हो गए। बाद में डाक्टर ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी।
बिना नंबर की थी मारुति कार
पीड़ितों ने बताया कि आरोपी बिना नंबर की कार में सवार होकर आए थे। बड़े सुनियोजित तरीके से उन्होंने मौका पाकर डॉक्टर की कार लूटी है। क्योंकि जिस समय यह वाक्या हुआ उस दौरान शिखर दोपहरी थी और सड़क पर आवागमन ज्यादा नहीं था। अंदेशा जताया गया है कि कार लूटकर वे लडरावण की तरफ भाग निकले हैं।
छानबीन में जुटी पुलिस
पशु डॉक्टर से गन प्वाइंट पर कार छीनने की सूचना पर डीएसपी धीरज कुमार, थाना सदर कार्यवाहक प्रभारी अरविंद, सीआईए व एसओजी की टीमें भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने नाकेबंदी भी की लेकिन कोई पता नहीं चल पाया। साथ में दिल्ली पुलिस से भी घटना को लेकर सूचनाएं सांझा की। डाक्टर की शिकायत पर थाना सदर में केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। साथ में आरोपियों की पहचान व उनको पकड़ने के लिए टीमें भी जुट गई।