बहादुरगढ़ की एसटीएफ यूनिट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शुक्रवार देर रात पुलिस मुठभेड़ के बाद पांच आरोपियों को काबू कर लिया। यह कार्रवाई 20/21 मार्च 2026 की रात को की गई। ये सभी आरोपी थाना बेरी जिला झज्जर में दर्ज मुकदमा नंबर 42 दिनांक 4 मार्च 2026 में वांछित चल रहे थे।
पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपियों की पहचान चितरंजन उर्फ मनजीत पुत्र राजेंद्र निवासी कंसाला, विश्वजीत उर्फ विनी पुत्र दलजीत निवासी कंसाला जिला रोहतक, दीपांसू उर्फ छोटा पुत्र दलबीर निवासी मकडोली, अशोक उर्फ शोकी पुत्र धर्मबीर निवासी मकडोली और रोहित पुत्र सत्यनारायण निवासी भाली आनंदपुर जिला रोहतक के रूप में हुई है।
एसटीएफ की टीम को आरोपियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी, जिसके बाद टीम ने उन्हें पकड़ने के लिए घेराबंदी की। पुलिस ने पहले हवाई फायर कर आरोपियों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन आरोपियों ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी।
फायरिंग के दौरान एक गोली एएसआई विकास की बुलेट प्रूफ जैकेट पर लगी, जबकि दूसरी गोली एएसआई धर्मवीर की बुलेट प्रूफ जैकेट में लगी। दोनों पुलिसकर्मी बुलेट प्रूफ जैकेट होने के कारण सुरक्षित बच गए। पुलिस ने आत्मरक्षा और जवाबी कार्रवाई में फायरिंग की, जिसमें आरोपी विश्वजीत उर्फ विनी के दाहिने पैर में और चितरंजन उर्फ मनजीत के बाएं पैर में गोली लग गई। दोनों आरोपियों को घायल अवस्था में काबू कर लिया गया।
घटना के संबंध में थाना मुरथल जिला सोनीपत में धारा 109(1), 121(1), 132, 221 बीएनएस तथा 25(1बी)(ए), 54 और 59 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने घायल आरोपियों को प्राथमिक उपचार के बाद सरकारी अस्पताल सोनीपत में भर्ती करवाया है। वहीं अन्य तीन आरोपी दीपांसू उर्फ छोटा, अशोक उर्फ शोकी और रोहित को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो अवैध पिस्तौल और कारतूस भी बरामद किए हैं। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है।