सर मेरा, मेरे पति के साथ झगड़ा हो गया था। क्योंकि पति होली के दिन शराब पीकर आया था। जब मैं पति के साथ झगड़ रही थी तो मेरी ननद पिंकी भी अपने भाई विनोद की तरफदारी कर रही थी, जोकि मुझे अच्छा नहीं लगा। इस पर मैंने अपनी ननंद पिंकी को उल्टा जवाब दिया तो पति ने मेरी पिटाई कर दी। इसी बात से मैंने बेइज्जती महसूस की और ससुराल वालों को सबक सिखाने के लिए यह कदम उठाया। यह इकरारनामा तीन बच्चों की हत्या मामले में आरोपी बनाई गई उनकी मां नूतन ने पुलिस के सामने शनिवार को गिरफ्तारी के बाद किया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी नूतन को कोर्ट में पेश किया। जहां से आरोपी नूतन को जेल भेज दिया गया।
गौरतलब है कि 13 मार्च की रात को बरहाणा गांव की नूतन ने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर कहा था कि वो अपने तीन बच्चों के साथ पानी के टैंक में डूबकर आत्महत्या कर रही है, उसे न्याय चाहिए। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और नूतन के घर पहुंची, जहां पर पुलिस के पहुंचने से पहले ही नूतन अपने तीनों बच्चों को पानी के टैंक में डाल चुकी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने नूतन व तीनों बच्चों को टैंक से बाहर निकाला था लेकिन तीनों बच्चे दम तोड़ चुके थे। इसके बाद नूतन की गंभीर हालत को देखते हुए उसे पीजीआई में दाखिल करवाया गया था। जहां वह 13 मार्च की रात से ही उपचाराधीन चल रही थी। तीनों बच्चों की दादी सुदेश की शिकायत पर नूतन के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था। चिकित्सकों ने अनफिट करार दिए जाने के चलते पुलिस नूतन को गिरफ्तार नहीं कर पा रही थी। शनिवार को चिकित्सकों ने जैसे ही नूतन को डिस्चार्ज किया तो पुलिस ने नूतन को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद नूतन ने जो खुलासा किया, वो चौंकाने वाला था। नूतन ने केवल ससुरालियों को सबक सिखाने के लिए इतना बड़ा कदम उठाया होगा, यह किसी ने भी नहीं सोचा था।
वर्जन
आरोपी नूतन को पीजीआई से डिस्चार्ज करते ही गिरफ्तार कर लिया गया। नूतन ने अपने बयान में बताया है कि उसने ससुरालियों को सबक सिखाने के लिए इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया है। नूतन को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
-राजबीर सिंह, डीघल चौकी प्रभारी।