झज्जर। महराना गांव निवासी ओमप्रकाश के घर में शादी की खुशियां बड़ी धूमधाम से मनाई जा रही थी और कुछ समय बाद ही दुल्हन भी घर पहुंचने वाली थी। लेकिन ओमप्रकाश के पुत्र मनीष के फेरे हो चुके थे और विदाई होनी बाकी थी। इस दौरान घर लौट रहे दूल्हे के छोटे भाई और उसके दोस्तों की मौत की सूचना वहां पर पहुंच गई। उसके बाद हर तरफ मातम का परस गया। गांव के लोगों को तो घटना का पूरा पता था। लेकिन महिलाओं को इतना ही बताया गया था कि सचिन व उनके दोस्तों का एक्सीडेंट हो गया है और वे अस्पताल में भर्ती हैं। लेकिन सुबह होने पर परिवार की महिलाओं को भी घटना की सच्चाई का पता चल गया और घर में ही नहीं पूरे गांव में मातम छा गया। एक साथ पांच युवकों की मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। गांव में चूल्हे तक नहीं जले। दोपहर बाद शादी समारोह में शामिल होने के लिए आए सतीश के परिजन भी अपने गांव के गोपालपुर के लिए रवाना हो गए थे। उसके बाद सामान्य अस्पताल से सतीश के शव को भी सोनीपत के गोपालपुर भेजा गया। करीब डेढ़ बजे सचिन और उसके पड़ोसी योगेश के शव गांव में पहुंचे। लेकिन उनके अंतिम संस्कार की तैयारी पहले ही पूरी कर ली गई थी। मात्र दस मिनट बाद ही एक साथ एक गली से दो शव यात्राएं निकली। इस दौरान गांव में हर किसी की आंखें नम दिखी और गांव का हर परिवार मृतकों के परिवारों के साथ खड़ा दिखाई दिया। गांव की शमशान भूमि में दोनों युवाओं की दो चिताएं एक साथ जली।
तीन दिन पहले मलेशिया से लौटा था सचिन
दूल्हे मनीष का छोटा भाई सचिन खत्री होटल मैनेजमेंट का कोर्स करने के बाद मानेसर व धारूहेड़ा के बीच स्थित होटल लेमंट्री में कार्यरत था। वह मनीष की शादी से दो दिन पूर्व ही विदेश से घर आया था। वह 15 दिन के टूर पर मलेशिया गया हुआ था। उसके साथ उसके साथी उत्तर प्रदेश के खानूजट निवासी देवेंद्र व हिमाचल प्रदेश के बगहेड़ा बुहला निवासी शुभम शर्मा भी शादी में शामिल होने के लिए सचिन के घर आए हुए थे। सचिन के पिता ओमप्रकाश का करीब आठ साल पहले बीमारी के कारण निधन हो गया था। विकास और मनीष सचिन के बड़े भाई हैं। विकास की शादी पहले हो चुकी है और मनीष की शादी का कार्यक्रम चल रहा था।