जिले के गांव रईया स्थित एक निजी स्कूल में केजी कक्षा में पढ़ने वाली मासूम बच्ची की बस की खिड़की से नीचे गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। दुघर्टना के बाद बस का चालक मौके से फरार हो गया। दुर्घटना का पता चलने पर काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए और स्कूल प्रशासन, चालक के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए शव के साथ सड़क पर ही बैठ गए।
दुर्घटना का पता चलने पर पुलिस प्रशासन के भी हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में डीएसपी हंसराज, डीएसपी राजीव कुमार, एसएचओ दयाचंद सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। वहीं पुलिस ने स्कूल बस के चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन ग्रामीण, परिजन स्कूल प्रशासन और चालक को मौके पर बुलाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की बात पर अड़े रहे। बाद में स्कूल प्रबंधन से जुड़े व्यक्ति मौके पर पहुंचे। पुलिस द्वारा उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर ग्रामीण और परिजन शव को मौके से उठाकर पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए।
यह था मामला
गांव रईया की करीब छह वर्षीय मासूम बच्ची जन्नत गांव के ही ब्राइट कॅरिअर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में केजी में पढ़ती थी। हर रोज की तरह वीरवार को भी वह बस में स्कूल जाने के लिए सवार हुई थी। उसी दौरान ही एकाएक स्कूल बस की खिड़की से बच्ची नीचे गिर गई और बस के टायर के नीचे कुचले जाने से मौत हो गई।
घटना के बाद जहां चालक स्कूल बस को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया, वहीं हादसे के बाद घटनास्थल पर पहुंचे पीड़ित परिजनों और ग्रामीणों ने आक्रोश में शव को भी घटनास्थल से नहीं उठाने दिया गया। मृतक बच्ची के परिजनों का कहना था कि जब तक स्कूल के संचालक और आरोपी बस चालक को मौके पर नहीं लाया जाता, तब तक वह बच्ची के शव को घटनास्थल से उठाने नहीं देंगे।
मामले की गंभीरता को भांपते हुए मौके पर पहुंचे पुलिस के इन आला अधिकारियों ने स्कूल संचालक को मौके पर बुलाया, लेकिन उसके बावजूद ग्रामीण शांत नहीं हुए। बाद में पुलिस के अधिकारियों ने आरोपी बस चालक पर कार्रवाई का भी आश्वासन दिया।
पुलिस के आला अधिकारियों ने यह भी कहा कि यदि हादसे के लिए स्कूल प्रबंधन भी दोषी हुआ तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन से मिले इस आश्वासन के बाद ही ग्रामीण शांत हुए। बाद में बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए शहर के ही नागरिक अस्पताल भिजवाया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
अपनी बुआ के घर रहती थी मृतका
ग्रामीणों के अनुसार हादसे में काल का ग्रास बनी मासूम छात्रा जन्नत मूल रूप से गांव गुड़ाना के सुुरेंद्र की बेटी थी और यहां अपनी बुआ के पास गांव रईया रहा करती थी।
ग्रामीणों के गुस्से को देखते हुए पुलिस बल रहा तैनात
मामले की गंभीरता और ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया, ताकि किसी तरह की अन्य अप्रिय घटना न हो। अधिकारियों द्वारा स्कूल के अलावा गांव के प्रमुख रास्तों पर भी पुलिस की तैनाती कर दी गई।
बस में परिचालक होता तो न जाती मासूम की जान
परिजनों का आरोप था कि पूरा मामला स्कूल प्रशासन की अनदेखी के चलते हुआ है, अगर बस में परिचालक होता तो उनकी बच्ची आज सुरक्षित होती। उन्होंने चालक और स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही।
बिना नंबर प्लेट की थी स्कूल बस
स्कूल प्रशासन द्वारा नियमों की अनदेखी करने का यह प्रमाण भी साबित होता है कि जिस बस द्वारा दुघर्टना हुई है, उस बस पर नंबर प्लेट तक नहीं थी। बिना नंबर प्लेट के ही यह बस सड़कों पर चल रही थी। अपनी मासूम बच्ची को खो देने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। बिलखते परिजन सिर्फ चालक और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कह रहे थे।
स्कूल बस के चालक और प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
राजीव कुमार, डीएसपी झज्जर