हैफेड से पुलिस ने मांगा सरसों खरीद का रिकार्ड
झज्जर। झज्जर की अस्थाई अनाज मंडी सेक्टर-नौ में हुई 15 मार्च से 31 मई तक हुई सरसों की खरीद में हुए गबन के मामले में शहर पुलिस ने हैफेड से सरसों की खरीद का रिकॉर्ड मांग लिया है। जबकि यह रिकॉर्ड मिलने के बाद हैंडलिंग एजेंटों से भी रिकॉर्ड मांगा जाएगा। हैफेड ने मामले की जांच कर पुलिस में हैफेड, सहकारी विपणन समिति और झज्जर मंडी के सोसायटी के कर्मचारियों और अधिकारियों सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। हालांकि अभी तक इस मामले में पुलिस ने कोई गिरफ्तारी नहीं की है। गिरफ्तारी से पूर्व पुलिस सबूत व जांच के लिए रिकॉर्ड अपने कब्जे में लेगी। उसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएंगी।
हैफेड रोहतक के डीएम ने पूर्व डीएम सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए पुलिस प्रशासन को लिखा था। जिस पर पुलिस ने हैफेड के पूर्व डीएम सुरेंद्र सिंह, हैफेड अनुभाग महिला अधिकारी राजकरणी, सहकारी विपणन समिति के मैनेजर कपील कुमार, हैफेड के खरीद मैनेजर संदीप कुमार सहित विभिन्न लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रोहतक हैफेड के डीएम ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि उक्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने सरसों खरीद के मामले में सरकार के नियमों का ध्यान नहीं रखा और सरसों वेयर हाउस के गोदामों तक पूरी नहीं पहुंची। जबकि उसका भुगतान भी काफी कर दिया गया। वेयर हाउस में 4422.30 क्विंटल सरसों कम पहुंची है। जिसका भुगतान करीब 1 करोड़ 87 लाख 24 हजार रुपये बनता है। लेकिन इस राशि में से एक करोड़ 44 लाख 90 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया है। हैफेड को जब इसका पता चला तो करीब 42 लाख रुपये कर राशि रोक दी गई है। जबकि गोदाम से भंडारण की पर्ची भी कम सरसों की दी गई है। हैफेड की तरफ से एक क्विंटल सरसों का 4234 रुपये भुगतान किया गया है। जिसमें सरकार की तरफ से निर्धारित किया गया 3900 रुपये समर्थन मूल्य, 39 रुपये मार्केट कमेटी की फीस, 100 रुपये बोनस और 195 रुपये जीएसटी शामिल है।
वर्जन
हैफेड से सरसों की खरीद को लेकर सारा रिकॉर्ड मांगा गया है। इसके बाद इस मामले की जांच की जाएगी। हैंडलिंग एजेंटों से रिकॉर्ड लिया जाएगा। जांच के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
- राजेश कुमार इंचार्ज, सिटी पुलिस चौकी, झज्जर।