हिरासत में मौत का मामला: मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुआ पोस्टमार्टम
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
पुलिस हिरासत में हुई झुंझनूं जिले के धिंगड़ियां गांव निवासी बलबीर मौत मामले में शुक्रवार को मजिस्ट्रेट ने सिविल अस्पताल में परिजनों व पुलिस के बयान दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम करवाया। मृतक के परिजनों की मारपीट की आशंका जाहिर करने पर पोस्टमार्टम चिकित्सकों के बोर्ड से वीडियोग्राफी के साथ कराया गया। इतना ही नहीं पोस्टमार्टम मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुआ। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। वहीं, जिला पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के दूसरे आरोपी सुनील को शुक्रवार सुबह कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
नशीले पदार्थों की तस्करी के आरोप में दादरी सीआईए ने वीरवार को धिंगड़ियां गांव निवासी बलबीर को हिरासत में लिया था। आरोपी को लेकर सीआईए टीम के दादरी पहुंचने से पहले ही बलबीर की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए दादरी के सिविल अस्पताल में रखवाया था और देर शाम मृतक के परिजन सिविल अस्पताल पहुंचे थे। परिजनों ने बलबीर की मौत को संदिग्ध मानकर मारपीट की आशंका भी जाहिर की थी। वहीं, जिला पुलिस ने इस मामले में 176 सीपीआरसी की कार्रवाई के लिए मजिस्ट्रेट को भी पत्र लिखा था। शुक्रवार को सीजेएम सुनील कुमार सिविल अस्पताल पहुंचे और मृतक के परिजनों व बलबीर को गिरफ्तार करने गए टीम इंचार्ज एएसआई विक्रम सिंह सहित अन्य पुलिस कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए चिकित्सकों का एक बोर्ड गठित किया गया और वीडियोग्राफी के साथ मृतक का पोस्टमार्टम करवाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रेट सुनील कुमार भी पोस्टमार्टम कक्ष में मौजूद रहे। पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद मजिस्ट्रेट सुनील कुमार मीडिया से भी मुखातिब हुए। हालांकि उन्होंने परिजनों व पुलिस कर्मचारियों द्वारा दिए गए बयानों को जांच प्रक्रिया का हिस्सा होने के चलते सार्वजनिक नहीं किया। सीजेएम सुनील कुमार ने बताया कि 176 सीपीआरसी की कार्रवाई के लिए उन्हें नियुक्त किया गया है और वो जांच प्रक्रिया के लिए सिविल अस्पताल पहुंचे हैं।
बलबीर का नाम भी आया था सामने
पुलिस अधीक्षक सुनील दलाल के निर्देश पर 31 जुलाई को जिले के सभी बॉर्डर पर पुलिस नाके लगाए थे। इस दौरान दादरी सीआईए पुलिस के एएसआई देवेंद्र के नेतृत्व में एक नाका गांव नौरंगाबास जाटान टी प्वाइंट पर लगाया गया था। इस दौरान पुलिस ने एक पिकअप गाड़ी सवार दो युवकों को करीब तीन क्विंटल डोडा पोस्त के साथ पकड़ा था। इन तस्करों ने सुनील नामक तीसरे आरोपी का नाम पुलिस के सामने उजागर किया था। वीरवार को पुलिस ने सुनील को 17 किलोग्राम गांजा सहित पकड़ा था। सुनील ने गांजा तस्करी में मृतक बलबीर का नाम भी उजागर किया था और इसके चलते पुलिस उसे राजस्थान गिरफ्तार करने पहुंची थी।
सीजेएम ने किए दोनों पक्षों के बयान दर्ज
पुलिस द्वारा हिरासत में बलबीर की मौत होने के बाद कार्रवाई के लिए मजिस्ट्रेट को पत्र लिखा गया था। शुक्रवार को इस मामले में कार्रवाई करने के लिए सीजेएम सुनील कुमार सिविल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल के एक बंद कमरे में मृतक के बेटे हरिओम व मृतक के भतीजे सुभाष के बयान दर्ज किए। इसके बाद मजिस्ट्रेट ने बलबीर व सुनील को दबोचने वाली टीम इंचार्ज एएसआई विक्रम सिंह के भी बयान दर्ज किए। मजिस्ट्रेट के आदेशों के चलते बयान दर्ज करते समय अन्य किसी को भी कमरे में नहीं आने दिया गया।
परिजनों संग मजिस्ट्रेट ने जांचा शव
सिविल अस्पताल पहुंचे मजिस्ट्रेट सुनील कुमार ने एसएमओ व चिकित्सकों के साथ स्वयं भी शव की जांच की। सूत्रों की मानें तो मजिस्ट्रेट सुनील कुमार ने मृतक के परिजनों को भी डेड हाउस में बुलाया। वहीं परिजनों की मांग करने पर प्रशासन ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम बोर्ड से करवाया। इस दौरान अस्पताल की एसएमओ डॉ. अनीता गुलिया, डॉ. साक्षी, डॉ. दीपक साहू शामिल थे।
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बलबीर सिंह की मौत पुलिस कस्टडी में हुई थी। सीपीआरसी की धारा 176 के तहत कार्रवाई कर मृतक के परिजनों व पुलिस टीम के बयान दर्ज किए गए हैं। मैंने अपनी देखरेख में शव का पोस्टमार्टम करवाया और पोस्टमार्टम प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। - सुनील कुमार, सीजेएम
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करीब 17 किलोग्राम गांजा सहित पकड़े गए सुनील पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था। शुक्रवार सुबह उसे कोर्ट में पेश किया गया जहां से न्यायालय के आदेशों पर उसे जेल भेज दिया गया। - सुरेंद्र दांगी, पुलिस प्रवक्ता