अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
लोन दिलाने के नाम पर एक शातिर ने बहादुरगढ़ निवासी एक उद्यमी को एक लाख रुपये की चपत लगा दी। शातिर ने पहले तो उद्यमी का फोन नंबर बंद कराया, फिर उसके खाते से रुपये निकलवाए। बैंक से फोन आया तो उद्यमी को घटना का पता चला और उसने पुलिस को शिकायत दी। उसकी शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सेक्टर-6 निवासी राजेंद्र भारद्वाज की झज्जर रोड पर स्थित एक फैक्टरी है। गत 15 फरवरी को उसके पास एक सचिन नाम के शख्स का फोन आया। सचिन ने खुद को एचडीएफसी बैंक का कर्मचारी बताया। उक्त शख्स ने राजेंद्र से कहा कि उनका बैंक आपको दस लाख रुपये का लोन दे रहा है, जिसकी ब्याज दर बेहद कम है। इसके लिए आपको आधार कार्ड की कॉपी, दो फोटो व अकाउंट की स्टेटमेंट देनी होगी। दस्तावेज जमा कराने के तीन दिन के भीतर खाता खोलकर उसमें लोन राशि जमा करा दी जाएगी। दस्तावेज लेने बैंक का आदमी आपके वहां आ जाएगा। किसी तरह शातिर ने राजेंद्र को झांसे में ले लिया। सहमति हुई तो शाम को फिर से शातिर की कॉल आई। उसने कहा कि उनका आदमी देवीलाल पार्क के पास है, उन्हें दस्तावेज दे दो। वहां दस्तावेज के साथ-साथ तीन कैंसल चेक भी मांगे गए। दस्तावेज लेकर दोनों युवक वहां से चले गए।
पहले कराया फोन बंद फिर निकाले रुपये
राजेंद्र भारद्वाज के मुताबिक, 16 फरवरी को फिर से उसी शख्स का फोन आया। उसने कहा कि 17 को हो जा जाएगा। इसी दिन सुबह करीब 11 बजे उसका नंबर बंद हो गया। इसी बीच उक्त शातिरों ने तीन चेकों में से एक चेक (एक लाख का) सेक्टर-6 स्थित एसबीआई की शाखा से क्लीयर करा लिया। चूंकि बैंक वाले उनके जानकार हैं तो बैंक से उसके बेटे विवेक के पास कॉल आई। बैंक कर्मी ने बताया तुम्हारे पिता का फोन नहीं मिल रहा। उनके खाते से कोई रुपये निकलवाने आया था। फिर राजेंद्र ने बैंक से संपर्क किया। इसके बाद पुलिस को शिकायत दी। बताते हैं कि शातिर ने जब 70 हजार का दूसरा चेक लगाया तो कैशियर को शंका हो गई। कैशियर ने पूछताछ की तो वह चेक छोड़कर भाग गया।
जल्द सुलझेगा मामला : पुलिस
उधर, मामले सेक्टर 6 पुलिस चौकी से मामले के जांच अधिकारी राजेंद्र कुमार ने कहा कि व्यक्ति की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है। बैंक से सीसीटीवी फुटेज ली गई है। उक्त मोबाइल नंबर की डिटेल भी खंगाली जाएगी। जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।