अमर उजाला ब्यूरो
बादली (झज्जर)।
गत बुधवार को रोहतक के पास संतों के एक डेरे में हुई डकैती के बाद श्रद्धालुओं व संतों को अस्थल धाम खेड़का गुर्जर की सुरक्षा को लेकर भी चिंता होने लगी है। इस मठ की सुरक्षा में पुलिस के दो जवान 24 घंटे तैनात रहते हैं। हालांकि सुरक्षा का कदम धाम के महंत रूपरामदास की हत्या के बाद उठाया गया है। भले ही महंत हत्याकांड का खुलासा चार साल बीतने के बाद भी पुलिस नहीं कर सकी है मगर अब महंत देवेंद्रादास को सुरक्षा मुहैया कराकर आगे किसी भी दुर्घटना के आशंका पर विराम लगाने का प्रयास है।
अस्थल धाम गांव में 500 साल से भी पुराना धाम माना जाता है। इसी के चलते आसपास के 12 गांवों सहित क्षेत्र के कई अन्य गांवों की श्रद्धा भी धाम से जुड़ी है। धाम की अपनी जमीन है जिसकी कीमत करोड़ों में आंकी जाती है। करीब दो एकड़ जमीन में बने धाम परिसर में देवताओं की मूर्तियां स्थापित की गई हैं। जबकि एक भवन सैकड़ों वर्ष पुराना है। धाम में वार्षिक कार्यक्रम सहित अन्य धार्मिक कार्यक्रमों पर भंडारा आयोजित होता है। दूर-दूर से भक्त धाम में मत्था टेकने के लिए पहुंचते हैं।
नहीं हुआ हत्या का खुलासा
24/25 जनवरी 2015 की रात को महंत रूपरामदास की हत्या कर दी गई थी। महंत का शव धाम भवन में सुबह मिला था। पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। मगर कोई खुलासा नहीं हो सका। प्रारंभिक जांच में जमीन विवाद सामने आया और कई लोगों पर शक की सुई घूमती रही। इस मामले में महंत के चेले देवेंद्रादास का नार्को टेस्ट भी करवाया गया। मगर पुलिस के हाथ कोई ऐसा सबूत नहीं मिला, जिससे हत्या के कारणों को पता चल सके। अभी तक पुलिस की जांच अधूरी है।
महंत देवेंद्रादास बोले :
फिलहाल धाम का संचालन कर रहे देवेंद्रादास का कहना है कि पुलिस मामले को अभी तक नहीं सुलझा सकी है। जबकि उन पर भी तीन बार कातिलाना हमले हो चुके हैं। उन्होंने प्रदेश के मंत्रियों से लेकर सभी आला अधिकारियों से कारणों का पता लगाने की मांग की। मगर कोई सफलता नहीं मिली। फिलहाल सुरक्षा के लिए प्रशासन की ओर से दो पुलिसकर्मी उन्हें दिए गए हैं।