अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
सहकारी समितियों की बसें सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ा रही हैं। इन बसों में पास-धारक छात्राओं को यात्रा नहीं करने दी जा रही। बृहस्पतिवार की सुबह भी यात्रा पास दिखाने पर छात्राओं को बस से नीचे उतार दिया गया। इस पर गुस्साई छात्राओं ने निजी बस संचालकों के खिलाफ जमकर रोष जताया। छात्राओं ने इन पर मनमानी करने व गलत व्यवहार करने का आरोप लगाया और परिवहन विभाग से इनके खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की।
राज्य में छात्राओं के लिए बसों में यात्रा सेवा नि:शुल्क है। इसके लिए छात्राओं को पास बनवाना पड़ता है और यह नियम रोडवेज बसों के साथ-साथ सहकारी समितियों की निजी बसों पर भी लागू होता है। मगर बहादुरगढ़-झज्जर रूट पर चलने वाली सहकारी समितियों की बसों में इस नियम का पालन करने के बजाय छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। दरअसल, बहादुरगढ़ शहर, माजरा, दुल्हेड़ा, डाबोदा, सोलधा सहित आसपास के कई गांवों की छात्राएं झज्जर स्थित सरकारी कॉलेज में पढ़ती हैं। इन छात्राओं ने पास बनवा रखे हैं। मगर इन बसों के चालक-परिचालक इन पास धारक छात्राओं को सफर नहीं करने देते। जिस कारण कई बार विवाद होते रहे हैं।
छात्राओं ने जताया रोष
बृहस्पतिवार की सुबह भी ऐसा ही हुआ। दरअसल, रोजाना की तरह शहर और गांव की छात्राएं बस स्टैंड पर आई। चूंकि रोडवेज बस नहीं थी, इसलिए छात्राएं सहकारी समिति की एक निजी बस में चढ़ गईं। जैसे ही छात्राएं बस में चढ़ीं तो कंडक्टर ने टिकट के लिए रुपये मांगे। इस पर छात्राओं ने पास दिखाया तो कंडक्टर ने उक्त बस में पास न चलने की बात कही। छात्राओं ने रुपये नहीं दिए तो उन्हें बस से नीचे उतार दिया गया। इस पर छात्राओं में रोष पनप गया। सरिता, कीर्ति, प्रीति, गीतू, कीर्ति राठी, मोनिका मलिक, रितु काजला, रितू आदि छात्राओं ने अड्डा परिसर में निजी बस संचालाकों के खिलाफ जमकर रोष प्रकट किया।
निजी बस संचालकों पर कसी जाए लगाम
छात्राओं ने कहा कि सरकार ने उनके लिए यह योजना बनाई है। कई बार सरकारी बस नहीं मिल पाती, इसलिए मजबूरीवश निजी बसों में चढ़ना पड़ता है। मगर इन बसों में उनके साथ अच्छा बर्ताव नहीं होता है। बस में चढ़ते ही कंडक्टर रुपये मांगते हैं। नहीं देते हैं तो झगड़ा करते हैं। एकाध बार जब सफर करने देते हैं तो कॉलेज के सामने बस नहीं रोकते। पिछले एक साल से यह समस्या गहराई हुई है। वीरवार को भी कंडक्टर ने उनको बस से नीचे उतार दिया। बोला कि पास पर नकली मोहर है, यह नहीं चलेगा। रोडवेज के अधिकारियों को भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं। हाल में पिछले महीने भी शिकायत की गई थी, मगर समस्या का समाधान नहीं हो रहा। इन झगड़ों के कारण उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है। हमारी यही मांग है कि बस चालक हमें परेशान न करें, हमारे साथ झगड़ा न करें। परिवहन निगम इस ओर ध्यान दें और इन बस संचालकों पर लगाम कसे।
मेरे संज्ञान में नहीं मामला : रोडवेज जीएम
उधर, रोडवेज के जीएम लेखराज ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। यदि किसी छात्रा को परेशानी है तो वह स्थानीय कार्यालय में शिकायत दें। वह खुद भी अपने स्तर पर मामले की जांच करेंगे।
पास दिखाने के बावजूद छात्राओं को बस से नीचे उतारा, हंगामा
-निजी बस चालकों पर लगाया पास न स्वीकार करने और दुर्व्यवहार का आरोप
-छात्राएं बोली, चालक-कंडक्टर करते हैं मनमानी, विरोध करते हैं तो बस से उतार देते हैं
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---फोटो 3 : बस से नीचे उतारे जाने के बाद रोष जताते छात्र-छात्राएं।
---फोटो 4 : इस बस पर लिखा है .. कोई पास मान्य नहीं है।