बहादुरगढ़। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की नाहरा-नाहरी रोड स्थित ब्रांच में क्लर्क द्वारा बिलों में हेराफेरी कर गबन करने का मामला सामने आया है। क्लर्क ने तीन महीने के भीतर ही बैंक को 17 लाख 98 हजार 255 रुपये का चूना लगा दिया। इतना ही नहीं अपनी करतूत छिपाने के लिए रिकॉर्ड को भी खुर्द बुर्द कर दिया। बैंक मैनेजर की शिकायत पर सिटी थाने में आरोपी क्लर्क के खिलाफ धोखाधड़ी सहित कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोप दिल्ली के मंगोलपुरी क्षेत्र के निवासी गजेंद्र पर है। दरअसल, गजेंद्र एसबीआई की नाहरा-नाहरी रोड स्थित ब्रांच में क्लर्क था। बैंक में गजेंद्र की ड्यूटी डिमांड ड्राफ्ट-वाउचर बनवाने, पास कराने व इनसे संबंधित रिकॉर्ड दर्ज करने की थी। पुलिस को दी शिकायत में बैंक मैनेजर अशोक कुमार ने कहा कि बिल्डिंग की मेंटेनेंस, सभी तरह के बिलों सहित कई तरह के काम की जिम्मेदारी गजेंद्र को दी गई थी लेकिन इस जिम्मेदारी का गजेंद्र ने दुरुपयोग किया। सात अप्रैल 2018 से लेकर 20 जुलाई 2018 के बीच गजेंद्र ने सभी तरह के वाउचरों में बिलों की राशि अपने परिचितों, रिश्तेदारों व मित्रों के नाम ट्रांसफर कर दी। गजेंद्र की पत्नी मीना, बबीता, कमल, अनिल कुमार, मोहन, सुनील, अंगद, विजय सिंह, रवि, रघुराज, संदीप, मान सिंह, सुरजीत कौर, अवधेश कुमार, मालती देवी आदि के नाम पैसे ट्रांसफर किए गए हैं। इससे बैंक को नुकसान हुआ है।
ऑडिट हुआ तो सामने आया घपला
गजेंद्र बिलों व वाउचरों में कटिंग करता और उनकी राशि बढ़ा देता था। जब ऑडिट हुआ तो यह घोटाला सामने आया। इसके बाद निरीक्षण हुआ और बैंक के अधिकारियों ने उसे सस्पेंड कर दिया और जांच शुरू कर दी। सामने ये भी आया कि आरोपी गजेंद्र ने अपना अपराध छिपाने के लिए असली रिकॉर्ड भी गायब कर दिया। वहीं बैंक मैनेजर अशोक का कहना है कि बैंकों में जनता का पैसा होता है। गजेंद्र ने बैंक के साथ-साथ आमजन को भी धोखा दिया है। उसके खिलाफ शिकायत दे दी गई है। उधर, मामले के जांच अधिकारी सज्जन सिंह ने कहा कि केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।