तीन मंजिला जूता फैक्टरी में लगी आग, 5 श्रमिक फंसे, फायर ब्रिगेड ने बचाए
बहादुरगढ़। आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र (एमआईई) स्थित चप्पल-जूते बनाने वाली एक फैक्टरी में वीरवार की सुबह आग लग गई। बेसमेंट से शुरू हुई आग इमारत की तीसरी मंजिल तक फैल गई। तेजी से आग फैलने के कारण तीसरी मंजिल पर काम कर रहे 5 श्रमिक फंस गए। दमकल कर्मियों ने मशक्कत से इन्हें बचाया। बचाव कार्य के दौरान एक दमकल कर्मी भी घायल हो गया। देर रात तक दिल्ली, बहादुरगढ़, झज्जर, रोहतक और गुरुग्राम की गाड़ियां आग बुझाने में लगी हुई थी। आग लगने की इस घटना से फैक्टरी में रखा तमाम माल जल गया और मशीनें राख हो गई। इमारत की हालत भी खस्ता हो गई।
सुबह करीब सात बजे लगी आग
एमआईई पार्ट 1 के प्लॉट नंबर 2431 में श्रीगंगाधर इंटरप्राइजेज नाम से फैक्टरी है। इस फैक्टरी में जूते-चप्पल बनाए जाते हैं। सुबह करीब सात बजे फैक्टरी के बेसमेंट में अचानक आग लग गई। आग तेजी से भड़की और देखते ही देखते पूरे बेसमेंट में फैल गई। फैक्टरी के कर्मचारियों ने अपने स्तर पर आग बुझाने के प्रयास किए, मगर सफलता नहीं मिली। इसके बाद प्रबंधन ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद बहादुरगढ़ दमकल विभाग की चार गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास किया। आग धीरे-धीरे तीसरी मंजिल तक फैल गई। आग नहीं बुझी तो झज्जर, रोहतक और दिल्ली से भी गाड़ियां बुलाई गईं। आग से तमाम माल खाक व मशीनें नष्ट हो गई थी। सूत्रों की मानें तो फैक्टरी में लगभग 2 करोड़ का नुकसान है, हालांकि इसकी पुष्टि किसी ने की नहीं है।
गुरुग्राम से आई हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म मशीन
रास्ता बंद हो जाने से फायर ब्रिगेड को तीसरी मंजिल पर पहुंचने में परेशानी हो रही थी। काफी प्रयासों के बाद जब ऊपर नहीं जाया गया तो दमकल विभाग ने गुरुग्राम से हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म मशीन मंगवाई। करीब ढाई बजे यह गाड़ी बहादुरगढ़ पहुंची। इसके बाद तीसरी मंजिल पर आग बुझाने का काम शुरू हुआ।
बाल-बाल बचे श्रमिक, फंसे हुए पांच को दमकल कर्मियों ने बचाया
जिस वक्त आग लगी, उस दौरान बेसमेंट में काम चल रहा था, जबकि तीसरी मंजिल पर 5 श्रमिक काम कर रहे थे। अचानक हुई इस आगजनी से बेसमेंट में काम कर रहे श्रमिक व दूसरे तलों पर काम कर रहे लोग तो बाहर निकल गए, मगर तीसरी मंजिल पर काम कर रहे पांच श्रमिक ऊपर ही फंस गए। आग की लपटों और धुएं के कारण इन्हें निकलने का रास्ता नहीं मिला। फैक्टरी प्रबंधन, पुलिस प्रशासन और तमाम श्रमिकों में हड़कंप मच गया। फिर दमकल कर्मियों ने सीढ़ियों की मदद से इन पांचों को सुरक्षित नीचे उतारा। यदि थोड़ी और देर होती तो यहां भारी जनहानि हो सकती थी।
एक फायर ब्रिगेड कर्मी जख्मी, रात तक नहीं बुझ पाई आग
पर्याप्त खुला स्थान न होने के कारण फायर ब्रिगेड कर्मियों को आग बुझाने में काफी परेशानी हुई। आग बेहद तेज थी और धुआं काफी होने के कारण सांस लेने में भी दमकल कर्मियों को परेशानी हो रही थी। बचाव कार्य में लगा दमकल कर्मी नवीन आंख में प्रेशर का पानी लग जाने से जख्मी हो गया। गुरुग्राम से आई हाइड्रोलिक प्लेटफार्म समेत 12 गाड़ियां आग बुझाने में लगी हुई थी, मगर रात आठ बजे तक ग्राउंड फ्लोर पर ही स्थिति सामान्य हो पाई थी। जबकि बेसमेंट व दूसरी, तीसरी मंजिल पर हालात खराब थे। फायर ब्रिगेड की मानें तो शुक्रवार की अल सुबह तक आग बुझने की संभावना है।
गाड़ियों और दकमल कर्मियों की स्थिति
बहादुरगढ़ की पांच गाड़ी : 32 कर्मचारी
झज्जर की दो गाड़ी : छह कर्मचारी
गुरुग्राम की एक गाड़ी : चार कर्मचारी
रोहतक की दो गाड़ी : 10 कर्मचारी
दिल्ली की दो गाड़ी : 12 कर्मचारी
चारों तरफ से कवर है फैक्टरी
करीब चार महीने पहले ही इस फैक्टरी की शुरुआत हुई थी। नियमों की अनदेखी कर बनाई गई फैक्टरी आज कई कर्मियों की मौत की वजह बन सकती थी। आपदा की स्थिति में अगर मेन गेट को छोड़ दें तो फैक्टरी से बाहर निकलने का कोई दूसरा रास्ता नहीं है। आग लगने के करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद ऊपर फंसे कर्मियों को बाहर निकाला जा सका।
किस आधार पर मिली एनओसी
आग बुझाने में लगे कुछ दमकल कर्मियों ने बताया कि फैक्टरी का भवन नियमों के हिसाब से नहीं बनाया गया। फैक्टरी पूरी तरह से कवर है, आग कैसे बुझाई जाए। ऐसे भवन में फैक्टरी चलाने की अनुमति देना भी समझ से परे है। यदि भवन व्यवस्थित ढंग से बनाया जाता तो शायद इतनी दिक्कतें नहीं होती।
किए जा रहे हैं प्रयास: पालीवाल
सूचना मिलते ही आग बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए गए थे। शॉर्ट सर्किट के चलते आग लगने की आशंका है, लेकिन जांच पूरी होने के बाद पुष्टि की जा सकती है। फैक्टरी में सारा सामान जल चुका है, इमारत भी कंडम हो गई है। शुक्रवार की सुबह आग बुझने की संभावना है।
- टीआर पालीवाल, फायर आफिसर, बहादुरगढ़