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खाद्य आपूर्ति विभाग ने 21 दिन बाद भी नहीं सौंपी जांच रिपोर्ट

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सरकारी गेहूं गबन मामला : खाद्य आपूर्ति विभाग ने 21 दिन बाद भी नहीं सौंपी जांच रिपोर्ट
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चरखी दादरी। खेड़ी बत्तर राशन डिपो संचालक द्वारा सरकारी गेहूं के गबन की जांच खाद्य आपूर्ति विभाग की चार सदस्यीय टीम बेहद धीमी गति से कर रही है। मामले के 21 दिन बीत जाने पर भी विभागीय टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट पूरी कर उच्चाधिकारियों व पुलिस विभाग को आगामी कार्रवाई के लिए नहीं सौंपी है। सिटी पुलिस खाद्य आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर को 91 सीपीआरसी के दो नोटिस भी दे चुकी हैं लेकिन इसके बाद भी जांच रिपोर्ट पूरी नहीं हो पाई है। पुलिस का कहना है कि विभागीय टीम की ढीली जांच प्रक्रिया के चलते पुलिस जांच भी रुक गई है। वहीं, खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी जांच रिपोर्ट के बारे में कुछ भी कहने से बचते नजर आ रहे हैं। सूत्रों की मानें तो डिपो होल्डर अपना रिकॉर्ड तक टीम के सामने पेश नहीं कर पाया है। इसके अलावा कई ग्रामीणों ने भी नियमित राशन वितरण न करने के आरोप लगाए हैं।
उल्लेखनीय है कि गत सात मार्च को खेड़ी बत्तर निवासी एक युवक पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी थी कि सरकारी गेहूं को डिपो होल्डर फ्लोर मिल में बेच रहा है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने लोहारू चौक समीप स्थित ज्योति फ्लोर मिल के अंदर से सरकारी गेहूं के कट्टों से लदी गाड़ी को बरामद कर लिया था। पुलिस ने इस संबंध में डिपो होल्डर, मिल मालिक व गाड़ी चालक के खिलाफ गबन व धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। मामले की जांच के लिए एएफएसओ ने चार सदस्यीय टीम गठित की थी और इसमें तीन इंस्पेक्टर व एक सब इंस्पेक्टर को शामिल किया गया था। इस टीम को जांच रिपोर्ट 17 मार्च तक सौंपनी थी लेकिन अब तक नहीं सौंपी है
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शिकायतकर्ता के बयान दर्ज कराना ही भूली टीम
विभागीय टीम ने गांव खेड़ी बत्तर पहुंचकर डिपो का स्टॉक जांचा और ग्रामीणों के भी बयान दर्ज किए। टीम सदस्यों ने सरकारी गेहूं पकड़वाने वाले युवक के स्वेच्छा से बयान दर्ज नहीं किए। विभागीय सूत्रों ने बताया कि शिकायतकर्ता ने जब कार्यालय आकर टीम की जांच पर सवाल उठाएं तो दो-तीन दिन पहले ही उसके बयान दर्ज किए गए।

एक-दूसरे पर टाल रहे टीम सदस्य जांच
चार सदस्यीय टीम की कमान इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह को सौंपी गई है, जबकि इंस्पेक्टर जसप्रकाश, बिजेंद्र दलाल सहित एसआई महेंद्र टीम में शामिल है। टीम इंचार्ज बिजेंद्र से बार-बार संपर्क करने पर भी उन्होंने फोन नहीं उठाया। वहीं, टीम सदस्य इंस्पेक्टर जयप्रकाश का कहना है कि वो टीम में जरूर हैं लेकिन जांच रिपोर्ट के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। वहीं सब इंस्पेक्टर महेंद्र कुमार का कहना है कि इस मामले की जानकारी इंस्पेक्टर बिजेंद्र ही दे सकते हैं उन्हें जांच के बारे में कुछ मालूम नहीं है।
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सिटी पुलिस थाने से जांच अधिकारी एएसआई सुरेंद्र कुमार जांच रिपोर्ट सौंपने में देरी करने पर खाद्य आपूर्ति विभाग को 91 सीपीआरसी के दो नोटिस दे चुके हैं। इसके बावजूद टीम ने जांच रिपोर्ट नहीं सौंपी है। इस कारण पुलिस की जांच भी रुक गई है।
- सुरेंद्र दांगी, पुलिस प्रवक्ता
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