अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
दुजाना चौकी प्रकरण में वृद्ध दंपति की उनके पौत्र व पौत्री के सामने पिटाई किए जाने के कारण बाल आयोग की टीम भी संज्ञान लेगी, जिसके चलते आरोपी पुलिसकर्मियों की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। बाल आयोग की टीम मामले में बच्चों के बयान दर्ज करने के लिए उनके घर पर बुधवार को पहुंच सकती है।
वहीं, आयोग के द्वारा मामले में मंगलवार को ही पुलिस अधिकारियों को भेजकर पूरे प्रकरण में अभी तक क्या कार्रवाई हुई, इसकी स्टेटस रिपोर्ट मांगेंगी। मामले में पीड़ित परिवार द्वारा एक वीडियो भी जारी किया गया है, जिसमें दिख रहा है कि रात करीब 9 बजे दोनों बच्चे अपने दादा के पास ही चौकी में मौजूद थे, जोकि बड़ा गंभीर मामला है। बाल आयोग की टीम द्वारा कार्रवाई करने के लिए यह वीडियो मजबूत आधार बन सकता है। बताया जा रहा है कि चौकी प्रकरण के बाद से दोनों बच्चों के मन-मस्तिष्क पर बुरा असर पड़ा है, जिसके चलते टीम बच्चों की काउंसलिंग भी करवा सकती है।
डीएसपी रैंक का अधिकारी कर सकता है जांच : मलिक
वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप मलिक के अनुसार अगर मामला एससी एसटी एक्ट के तहत दर्ज किया जाता है तो उसमें डीएसपी रैंक का अधिकारी ही जांच कर सकता है। वहीं, प्रकरण के दौरान चौकी में बच्चे मौजूद थे तो उनके बयान के लिए सिविल कपड़ों में अधिकारी ही उनसे बात कर सकता है तथा बच्चों को बयान के लिए चौकी नहीं लाया जा सकता।
वृद्ध दंपति की पिटाई करना घृणित कृत्य : गोयल
हरियाणा बाल आयोग के सदस्य बीके गोयल ने बताया कि मामला सोमवार को अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद उन्हें पता चला है, जिस पर बाल आयोग के द्वारा संज्ञान लिया जाएगा। अगर बच्चों के सामने चौकी में वृद्ध दंपति की पिटाई की गई तो यह बड़ा ही घृणित कृत्य है। आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए आयोग अपनी रिपोर्ट भेजेगा।
- दुजाना चौकी मामले में बाल आयोग सख्त
- कहा- बच्चों के बयान लिए जाएंगे, पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करेंगे