नहर का पानी चोरी करते 220 किसानों को पकड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। नहरों में पानी पहुंचते ही लोगों ने बड़े पैमाने पर चोरी शुरू कर दी है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने दो रात लगातार छापामारी कर करीब 220 किसानों को नहरी पानी की चोरी करते पकड़ा है। इसे लेकर किसानों में हड़कंप मचा रहा। जिले की नहरों में 25 दिसंबर को ही पानी छोड़ा गया। इस समय नहरों में 700 क्यूसेक पानी बह रहा है। नहरों में 10 जनवरी तक पानी चलेगा। इस समय रबी की प्रमुख गेहूं की फसल में भी सिंचाई की सख्त जरूरत बनी हुई है। किसान गेहूं की पहली सिंचाई कर रहे हैं। जिले के अधिकतर किसान गेहूं की खेती ज्यादा करते हैं। बरानी एरिया में सरसों और चने की खेती की जाती है। गेहूं की बिजाई नहरी एरिया में ही ज्यादा की जाती है। ऐसे में किसान खासकर रात के समय नहरी पानी की चोरी कर रहे हैं। किसान इंजन, साइफन के जरिए पानी का नहरों से उठान कर रहे हैं। इससे पानी की सीधे तौर पर चोरी हो रही है। इससे पानी टेल तक नहीं पहुंच पाता। टेल पर पड़ने वाले गांवों के किसानों को पर्याप्त मात्रा में सिंचाई और पेयजल के लिए पानी नहीं मिल पाता। नहरी पानी से ही जलघरों में पानी डाला जाता है। ऐसे में टेल पर पड़ने वाले गांवों के जलघरों में पेयजल का संकट भी गहरा जाता है। नहरों में पानी पहुंचते ही इन किसानों द्वारा नहरी पानी की चोरी शुरू करने से सिंचाई विभाग के अधिकारी भी सक्रिय हो गए। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने दिन-रात में नहरी क्षेत्र में छापामारी शुरू कर दी है। विभाग के अधिकारियों ने दो- तीन दिनों के दौरान लोहारू कैनाल और लोहारू फीडर पर छापामारी की। इस दौरान नहरों पर लगे इंजन, पाइप आदि हटवाए गए लेकिन जैसे ही विभाग के अधिकारी मौके से लौटे किसानों ने फिर इंजन और साइफन पाइप लगाकर पानी की चोरी शुरू कर दी।
तीन दिन से लगातार हो रही छापामारी
अब तक दो-तीन दिन में सिंचाई विभाग के अधिकारियों की टीम द्वारा करीब 220 किसानों को नहरी पानी की चोरी करते पकड़ा गया है। अब इन किसानों को चिह्नित कर लिया गया। बाद में इन किसानों को नोटिस भेजे जाएंगे। नोटिस भेजकर एक्सईएन कार्यालय में हियरिंग के लिए बुलाया जाएगा उसके बाद इन पर जुर्माना राशि का निर्धारण किया जाएगा।
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नहरों पर छापामारी लगातार जारी है। जब तक पानी चलेगा नहरों पर यह अभियान जारी रहेगा। विभाग टेल तक पानी पहुंचाएं जाने की कोशिश में हैं। किसानों को चाहिए कि वे पानी की चोरी न करें। विभाग की तरफ से नहरों पर लगाए मोगे से ही फसलों की सिंचाई करें। - राहुल छिल्लर, एसडीओ, सिंचाई विभाग