अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
प्रशासन ने शहर में बीते दो दिनों से स्ट्रे कैटल अभियान में तेजी जरूर ला दी है। लेकिन अभियान को सिरे चढ़ाने के नाम पर रात के अंधेरे में मूक गोवंश पर अत्याचार किया जा रहा है। शुक्रवार की रात बेरहमीपूर्वक जेसीबी से उठाकर गोवंश को गाड़ियों में पटका गया। इस कार्यशैली पर सामाजिक संस्थाओं ने रोष जताया है। संस्थाओं का कहना है कि इस तरह तो तस्कर भी पशुओं को नहीं उठाते जैसे प्रशासन द्वारा उठाया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार को सेक्टर-6 के आसपास क्षेत्र से गोवंश को उठाया गया। रात को जब कर्मचारियों द्वारा गोवंश को वाहनों में भरा जा रहा था तो इस पर काफी लोगों ने आपत्ति जताई, मगर प्रशासन के डर से लोगों को पीछे हटना पड़ा। दरअसल, गोवंश को रस्सों से खींच-खींच कर नीचे गिराया जा रहा था। इसके बाद जेसीबी से उठाकर उन्हें वाहनों में डाला जा रहा था।
सुरेंद्र मुदगल, राजेश कुमार, ईश्वर सिंह, रमेश राठी, महेंद्र, पवन कुमार, नवीन दलाल, अजीत दलाल व विनोद कुमार ने बताया कि प्रशासन द्वारा बीती रात गोवंशों को बड़ी बेरहमी से जेसीबी मशीनों से उठा-उठाकर गाड़ियों में पटका गया। जिससे कई गोवंश घायल हो गए। सामाजिक संस्थाओं से जुड़े इन लोगों ने कहा कि जितनी बेरहमी से प्रशासन जेसीबी से गोवंशों को गाड़ियों में भर रहा है, उतनी बेरहमी से तो तस्कर भी गोवंशों को नहीं उठाते।
जिले में हो नंदीशाला का निर्माण
स्ट्रे कैटल मुहिम तब ही सफल होगी, जब गोवंश को उचित आसरा मिलेगा। प्रशासन पिछले तीन वर्ष में भी बेसहारा गोवंशों को रखने की कोई व्यवस्था नहीं कर पाया। जिले में नंदीशाला का निर्माण नहीं करवा पाया। अब जिला प्रशासन के आदेश पर स्थानीय अधिकारी गोवंशों को बिना सही व्यवस्था किए उन गोशालाओं में छुड़वा रहे हैं, जिनमें पहले से ही आवश्यकता से अधिक गोवंश हैं। वहां न तो चारे-पानी की व्यवस्था है और न ही ऊपर शेड है।
ये समितियां आई आगे
सामाजिक एकता मंच, ओशे प्रेम ध्यान समिति, जनसेवा संस्थान, प्राचीन शिव मंदिर, चौगान माता सेवा समिति, भ्रष्टाचार मुक्ति वाहिनी समिति, गोरक्षा दल, गोरक्षा सेना और श्रीश्याम बाबा जन सेवा समिति ने मांग है कि गोवंश को सही तरीके से गाड़ियों में चढ़ाया जाएं तथा जिन गोशालाओं में इन को भेजा जा रहा है वहां उचित व्यवस्था की जाए। ताकि शहर को स्ट्रे कैटल फ्री बनाने के चक्कर में ये गोवंश भूख, प्यास व सर्दी से मरने को विवश ना हो।
अधिकारी बोले
एसडीएम जगनिवास का कहना है कि स्ट्रे कैटल अभियान में तहसीलदार की देखरेख में पांच टीमें लगी हैं। अब तक साढ़े 400 गोवंश को शहर से बाहर ले जाया जा चुका है। करीब 250 बाकी है। जिन्हें जल्द ही गोशालाओं तक पहुंचाया जाएगा। प्रत्येक टीम में एक पशु डाक्टर है। पूरे तौर-तरीकों से गोवंश को गोशालाओं तक पहुंचाया जा रहा है। यदि फिर भी कहीं दिक्कत हैं तो वह खुद जांच करेंगे। आमजन भी प्रशासन का सहयोग करें।
- संस्थाएं बोली- प्रशासन के पास व्यवस्थाएं पूरी नहीं, बेरहमी से ठूंसा जा रहा गोवंश