अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
पुलिस कंट्रोल रूम का 100 नंबर से कोई रिस्पांस लोगों को नहीं मिलता। वीरवार को एक बार फिर लोगों को इस समस्या को झेलना पड़ा। हुआ यूं कि वीरवार की सुबह पौने आठ बजे बीकानेर एक्सप्रेस की वजह से प्लेटफार्म नंबर-2 पर लगी लोहे की अर्थिंग प्लेट उखड़कर तीन वर्षीय बच्ची रोशनी को लगी और इससे उसकी मौत हो गई। लोगों ने लगातार 100 नंबर पर फोन करके इसकी सूचना पुलिस को देनी चाही। मगर वहां से किसी तरह का कोई रिस्पांस नहीं मिला।
जिस समय स्टेशन पर यह घटना घटी, उसके कुछ देर बाद तीन वर्षीय बच्ची का परिजन जीतू वहीं पहुंचा और उसने लगातार 100 नंबर पर पुलिस को इसकी सूचना देने के लिए फोन किया। मगर कई देर तक भी वहां से किसी तरह का रिस्पांस उसे नहीं मिला।
वहीं, रवि कुमार का कहना है कि पुलिस की ओर से 100 नंबर इसलिए बनाया गया है। ताकि कहीं कोई व्यक्ति किसी समस्या में है या किसी घटना की तुरंत जानकारी तुरंत पुलिस को दे सके। लेकिन जब 100 नंबर मिलता ही नहीं तो पुलिस तक जानकारी कैसे पहुंचाई जा सकती है। वीरवार को कई बार स्टेशन पर हुई घटना की जानकारी देने की कोशिश की, मगर 100 नंबर पर किसी ने फोन नहीं उठाया।
आकाश का कहना है कि उसने भी 100 नंबर पर करीब आधा घंटे तक कोशिश की, वहां से एकाध बार फोन उठा। मगर फोन उठाने वाले ने उससे किसी तरह की कोई बातचीत नहीं की और फोन उठाने के कुछ सेकेंडों बाद वापस रख दिया गया। इससे वह परेशान हो गया।