अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
तीन वर्षीय बच्ची रोशनी की रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर एक्सप्रेस ट्रेन से अर्थिंग की लोहे की प्लेट टूटकर लगने से हुई मौत का जिम्मेदार आखिरकार कौन है? रेलवे स्टेशन पर ट्रैक और प्लेटफार्म पर इस तरह की तकनीकी चीजों की चेकिंग की जिम्मेवारी किसकी है और इतनी बड़ी लापरवाही कैसे रही। यह सवाल लोगों व रेल यात्री समिति के पदाधिकारियों ने उठाया है।
प्रतिदिन रेलवे ट्रैक, इलेक्ट्रिक व लोहे की अर्थिंग प्लेट आदि की जांच करने की जिम्मेवारी रेलवे के ओएचई (ओवर हेड वायर) डिपार्टमेंट की है। इसमें किस अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही रही। यह जांच का विषय है। मगर इसमें कितनी जांच होगी और कैसी होगी। इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता। रेलवे अधिकारियों को इस बारे में गहनता से जांच करनी चाहिए और लापरवाह कर्मचारी के खिलाफ कठिन कार्रवाई की जानी चाहिए, क्योंकि कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से एक तीन वर्षीय बच्ची रोशनी की मौत हो गई। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों को इस घटना की छानबीन करनी चाहिए। हालांकि तीन वर्षीय बच्ची की मौत का जिम्मेदार भी ओएचई डिपार्टमेंट ही है। यदि उस प्लेट को कर्मचारियों द्वारा ठीक किया गया होता तो यह हादसा नहीं होता।
रेल यात्री समिति ने भी उठाए सवाल
रोहतक-दिल्ली दैनिक रेल यात्री समिति के प्रवक्ता सतपाल हाडा का कहना है कि बहादुरगढ़ के प्लेटफार्म पर एक तीन वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। इस पर उन्हें गहरा दुख है। हाडा का कहना है कि जिस भी रेलवे कर्मचारियों की लापरवाही से यह हादसा हुआ है उनके खिलाफ अधिकारियों को कार्रवाई करनी चाहिए। ताकि भविष्य में वे इस तरह की लापरवाही न करें और इस तरह के हादसे न हों। उन्होंने कहा कि इस बारे में वे रेलवे के सीनियर अधिकारियों व रेल मंत्रालय को भी पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करेंगे। लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस तरह कई स्थानों पर ये लोहे की अर्थिंग प्लेट उखड़ी रहती है। इन्हें ठीक करने की रेलवे की ओर से कोई जहमत नहीं उठाई जाती। यदि समय रहते इन प्लेटों की जांच कराकर ठीक कराया जाता तो आज तीन वर्षीय बच्ची रोशनी अपने परिवार के बीच जिंदा होती। उन्होंने मांग की है कि बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन पर प्लेट की जगह मोटे तार लगाए जाने चाहिए।
क्या कहते हैं अधिकारी
रेलवे स्टेशन के अधीक्षक यशपाल मीणा का कहना है कि रेलवे ट्रैक, इलेक्ट्रिक व अर्थिंग प्लेटों को ठीक करने का कार्य ओएचई (ओवर हेड वायर) डिपार्टमेंट के पास होता है। उन्हें इसकी प्रतिदिन जांच करनी चाहिए।
क्या कहते हैं ओएचई इंचार्ज
बहादुरगढ़ रेलवे के ओएचई इंचार्ज प्रमोद से जब इस बारे में बातचीत की गई तो उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।