बहादुरगढ़। दिल्ली-रोहतक रोड स्थित ब्रह्मशक्ति संजीवनी अस्पताल के डॉक्टरों का अवमाननीय चेहरा देखने को मिला। वीरवार को एक बुजुर्ग महिला को बीपी की शिकायत थी, जिस वजह से उसे भर्ती कराया था। इसके बाद डॉक्टरों ने पर्चे में दवा लिखकर तीमारदार को दे दी। तीमारदार दवा अस्पताल के बाहर मेडिकल स्टोर से लेकर आ गए। यह देखकर डॉक्टर ने यह दवा देने करने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि मेरे अस्पताल से दवा लोगे तभी इलाज होगा। गांव असौदा निवासी ममता ने बताया कि उनकी 70 वर्षीय सास ओमपति को बीपी की शिकायत थी। इस वजह से उन्हें दिल्ली-रोहतक रोड स्थित ब्रह्मशक्ति अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया। कुछ देर बाद डॉक्टर बुजुर्ग महिला को देखने आए। उन्होंने एक पर्चे में तीमारदार को दवा लिखकर मेडिकल स्टोर से लाने के लिए कहा तो वह बाहर के मेडिकल स्टोर से दवा ले आए। जब दवा डॉक्टर देखी तो वह उनका पारा हाई हो गया। उन्होंने यह दवा देने से मना कर दिया। इसके बाद तमीरदार परेशान होने लगे।
दवा अस्पताल के मेडिकल स्टोर से ही लेनी होगी : डॉ. नितिन
ब्रह्मशक्ति अस्पताल की डॉ. नीतिन शर्मा से जब इस बारे में बात की तो उनका तर्क था कि कुछ घंटे पहले एक 14 साल का बालक भर्ती हुआ था। उसके परिजन बाहर के मेडिकल स्टोर से दवा लेकर आए थे। जो उसे रिएक्शन कर गया। इस वजह से हम अपने ही अस्पताल के मेडिकल स्टोर से दवा लेने के लिए कहते हैं। सवाल यह है कि अगर एक्सपायरी डेट की दवा थी तो डॉक्टर को चेक करना चाहिए। इस पर उन्होंने कुछ नहीं बोला। उन्होंने बताया कि जिसकी मर्जी हो वो मरीज का इलाज कराए। लेकिन दवा अस्पताल के मेडिकल स्टोर से ही लेनी होगी।