चरखी दादरी। मंदोला निवासी एक युवक की कलियाणा पहाड़ी क्षेत्र में स्थित एक तालाब में डूबने से मौत हो गई। वह अपने जीजा, बहन और चचेरे भाई के साथ कलियाणा स्थित पीर बाबा की मजार पर मत्था टेकने आया था। मजार पर पहुंचने से पहले ही नहाते समय हादसा हो गया। बहन, जीजा और चचेरे भाई किनारे पर बचाव के लिए चिल्लाते रह गए और वह गहराई में समाता चला गया। परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि वह तैरना भी जानता था। वीरवार सुबह सवा नौ बजे उसका शव तालाब से बरामद हुआ। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने प्रशासन पर सहयोग न करने के आरोप भी लगाए हैं। झोझूकलां चौकी पुलिस ने मृतक का पोस्टमार्टम वीरवार दोपहर सिविल अस्पताल में कराया। पुलिस ने इस संबंध में 174 के तहत कार्रवाई की है।
मंदोला निवासी रणजीत (22) बुधवार शाम करीब छह बजे अपने जीजा विक्रम, बहन ऊषा और चचेरे भाई साहिल के साथ गांव कलियाणा स्थित पीर बाबा की मजार पर मत्था टेकने गया था। रणजीत के जीजा विक्रम ने बताया कि मजार पर जाने से पहले रणजीत ने पहाड़ी क्षेत्र में बने तालाब में नहाने की बात कही। इसके बाद वे तालाब की तरफ चले गए। मृतक के जीजा विक्रम ने बताया कि वे तीनों तालाब के किनारे बैठ गए जबकि रणजीत तालाब में चला गया। पानी में करीब 20 मीटर तैरने के बाद वह अचानक डूबने लगा। उसे डूबते देख उन्होंने बचाव में आवाज लगाई तो वहां नहा रहे अन्य लोगों ने भी उसे पानी के अंदर ढूंढने का प्रयास किया लेकिन असफल रहे। वहीं, तालाब में युवक के डूबने की सूचना मिलते ही कलियाणा और मंदोला गांव के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। कई युवाओं ने तालाब में छलांग लगाकर रणजीत को तलाशने का प्रयास किया। इसी दौरान मामले की सूचना झोझूकलां चौकी पुलिस और दमकल विभाग को दी गई। परिजनों के मुताबिक शाम करीब साढ़े सात बजे पुलिस व दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वहीं, ग्रामीणों ने सर्च अभियान जारी रखा लेकिन रणजीत का कोई सुराग नहीं लगा।
वीरवार सुबह करीब सवा नौ बजे उसका शव तालाब की तलहटी से बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस और परिजन शव लेकर सिविल अस्पताल पहुंचे। यहां मृतक के पिता जगदीश के पुलिस ने बयान दर्ज किए और रणजीत का पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने इस संबंध में इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की गई है।
लोको पायलट की परीक्षा कर चुका था पास, दो जुलाई को था जन्मदिन
सिविल अस्पताल पहुंचे मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने बताया कि उसने बीएससी के पेपर दिए थे। इसके अलावा लोको पायलट की परीक्षा भी पास कर चुका था। रणजीत का दो जुलाई को जन्मदिन था। जन्मदिन से 11 दिन पहले ही पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई। रणजीत के एक बड़ा भाई मंजीत और दो बहने हैं। रणजीत बीएससी फाइनल वर्ष की परीक्षा देने के बाद से ही हिसार में रहकर एसएससी की कोचिंग ले रहा था।
गहरे खनन से चौव्वा ऊपर आने से बने हैं दो तालाब
जिस तालाब में डूबने से रणजीत की मौत हुई है वह गहरे खनन से चौव्वा ऊपर आने से बना है। यहां दो तालाब बने हैं। एक का पानी खारा जबकि दूसरे का पानी मीठा बताया जा रहा है। दोनों तरह के पानी में टीडीएस की मात्रा बहुत अधिक है। यह पानी पीने या नहाने तो क्या सिंचाई के लायक भी नहीं है। इसके बावजूद सुबह-शाम यहां युवाओं और बच्चों को हुजूम नहाने के लिए उमड़ता है। ऐसा हादसा दूसरा न हो इसके लिए ग्रामीणों ने सुरक्षा प्रबंधों या तालाब में नहाने पर अंकुश लगाने की मांग की है।
पिता के बयान पर पुलिस ने 174 की कार्रवाई कर शव का सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। गोताखोरों को भी मौके पर बुलाया गया था। - प्रकाशचंद, झोझूकलां चौकी प्रभारी