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खुले नाले में फंसकर पलटा ऑटो, युवक का पैर टूटा

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बहादुरगढ़। अग्रवाल कॉलोनी के नजदीक नाहरा-नाहरी रोड किनारे कछुए की गति से पिछले डेढ़ माह से नाला बनाया जा रहा है। सोमवार को इस निर्माणाधीन नाले में सवारियों से भरा ऑटो पलट गया। इस हादसे में एक युवक का पैर टूट गया, जबकि अन्य लोग घायल हो गए। खुले नाले में हादसे की आशंका जताते हुए अमर उजाला ने यह मुद्दा 11 मई के अंक में प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद भी अधिकारी और स्थानीय पार्षद ने मामले की सुध नहीं ली। बताते चलें कि नाहरा-नाहरी रोड के कुछ हिस्से पर नाला पक्का बन गया है। कुछ हिस्से पर काम चल रहा। जिन हिस्से पर काम चल रहा है वहां किसी प्रकार कोई बेरिकेडिंग नहीं लगाई गई है। लाइनपार निवासी कमल शर्मा ने बताया कि वह अपनी बाइक में पेट्रोल भराने के लिए नाहरा-नाहरी रोड से होकर जा रहे थे। इसी दौरान अग्रवाल कॉलोनी के पास निर्माणाधीन खुले नाले में एक ऑटो फंस गया। इसके बाद ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। उन्होंने बताया कि ऑटो में आधा दर्जन से ज्यादा सवारियां बैठी थी। इसमें कुछ लोग मामूली रूप से घायल हुए तो कुछ को ज्यादा चोट आ गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऑटो में बैठे एक युवक का दाहिना पैर टूट गया। जिसे आनन-फानन में उन्होंने निजी अस्पताल में भर्ती कराया। नाहरा-नाहरी रोड पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय का सेवा केंद्र है। इसमें हर रोज सैकड़ों की संख्या में भाई बहनों का आना-जाना लगा रहता है। इस रोड से कई ट्रक क्षमता से ज्यादा लोड कर निकलते हैं।
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एक सप्ताह बाद भी नाले पर नहीं रखा गया ढक्कन
नाहरी-नाहरी रोड पर मलवा और नाले में ढक्कन न रखा होने के मुद्दे को अमर उजाला ने 11 मई के अंक में प्रमुखता से छापी थी। इसके बाद सड़क का मलबा तो हट गया। स्थानीय पार्षद कविता राजेश गोयल ने एक सप्ताह के अंदर नाले के ऊपर ढक्कन रखवाने की बात कही थी। लेकिन हादसे के बाद यह कहा जा सकता है कि पार्षद के दावे खोखले साबित हुए। वहीं लोगों ने सड़क किनारे नाले पर ढक्कन लगाने की शिकायत स्थानीय लोगों ने हादसे से पहले नगर परिषद के अधिकारी और एसडीएम को थी, लेकिन अधिकारियों ने कुछ भी नहीं किया।

नाहरा-नाहरी रोड पर ऑटो किस वजह से पलटा मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है। जेई को नाले पर ढक्कन रखवाने के लिए कई बार कहा गया है। मैं अपनी तरफ से ढक्कन रखवाने का पूरा प्रयास कर रहा हूं। विभाग के लापरवाही की वजह से काम में देरी हो रही है। अगर ठेकेदार बेरिकेडिंग नहीं लगाई है तो वह गलत है।
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कविता राजेश गोयल, पार्षद वार्ड-19

सड़क किनारे नाला बनने का काम अभी 15 दिन पहले शुरू हुआ है। नाले की दीवार अभी कच्ची है। उसके ऊपर ढक्कन नहीं रखवाया जा सकता। ठेकेदार अगर बेरिकेडिंग लगाकर काम नहीं कर रहा है। तो इस संबंध में उसे नोटिस दिया जाएगा।
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प्रदीप देशवाल, जेई, जन स्वास्थ्य विभाग।
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