बहादुरगढ़। गांव सांखोल के नजदीक गणपति धाम औद्योगिक क्षेत्र में नकली सिक्के बनाने की फैक्टरी का भंडाफोड़ 20 मई को क्राइम ब्रांच की फरीदाबाद टीम ने किया था। टीम ने उसके दूसरे दिन भी बहादुरगढ़ में उक्त औद्योगिक क्षेत्र में छापेमारी कर सिक्के काटने की फैक्टरी पकड़ी थी। बता दें कि कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से मिली सिक्के काटने की मशीन व कुछ अन्य सामान को कब्जे में लिया था। सिक्के से जुड़े इस मामले में सीआईए फरीदाबाद की टीम ने लगातार दो दिनों में इस कार्रवाई को अंजाम दिया। वहीं फैक्टरी मालिक नरेंद्र ने बताया कि सुभाष ने जिस नाम से एग्रीमेंट कराया था और जो नाम सामने आया है। उन दोनों में अंतर है। नरेंद्र ने बताया कि जब आरोपी सुभाष किराये के लिए एग्रीमेंट कराया तो उसने अपने नाम पर नहीं करवाया था। पूछने पर उसने बताया कि वह फैक्टरी का एग्रीमेंट अपने पिता के नाम पर करवाया है। फैक्टरी भी उन्हीं के नाम से चलती है। फैक्टरी मालिक ने बताया कि एग्रीमेंट के बाद से सुभाष से मुलाकात भी नहीं हुई थी। फैक्टरी के मालिक ने बताया कि जिस आदमी ने किराये पर फैक्टरी ली और जो पकड़ा गया उसने अपना नाम गलत बताया था। अखबार में छपी फोटो को देखकर पता चला कि इसी ने फैक्टरी किराये पर ली थी। नरेंद्र के मुताबिक आसपास के व्यापारियों ने फैक्टरी को किराये पर लिए युवक की फोटो प्रकाशित होने के बाद मुझे सूचना दी थी। इसके बाद मैंने सीआईए से संपर्क कर अपनी फैक्टरी के बारे में बताया कि अभी कुछ दिन पहले इस युवक ने वार्शल बनाने का काम कह कर मेरी फैक्टरी किराये पर ली है।
शक होने पर दी थी सीआईए को सूचना
नरेंद्र ने बताया कि अखबार में खबर प्रकाशित होने के बाद आसपास के लोगों ने शक जाहिर किया कि फैक्टरी में कुछ गड़बड़ है। उसके बाद मैंने किराये पर दी हुई फैक्टरी पर पहुंचा तो वहां पर ताला लगा हुआ था। मैंने अपने कुछ जानकारों से इस बारे में सलाह मशविरा कर इसकी जानकारी सीआईए को दी। जानकारी मिलते ही सीआईए ने मौके पर पहुंच कर फैक्टरी का ताला तोड़ा। फैक्टरी के अंदर से सिक्के काटने की मशीन व कुछ अन्य सामान भी मौके से मिला। सूचना देने के लिए सीआईए की टीम ने नरेंद्र का शुक्रिया किया। साथ ही आगामी कार्रवाई के लिए फैक्टरी के अंदर से मिला सारा सामान लेकर चले गए।
एक मई को किराये पर ली थी फैक्टरी
फैक्टरी के मालिक नरेंद्र ने बताया कि आरोपियों ने सिक्के कटाई के लिए जीआर-2 में स्थित फैक्टरी को किराये पर लिया था। आरोपियों ने वार्शल कटाई और वार्शल पर डाई लगाने के काम के लिए फैक्टरी किराये पर ली थी। आरोपियों ने फैक्टरी को किराये लेने के लिए फैक्टरी मालिक से पहले फोन पर बात की थी। फैक्टरी के किराये की बात तय होने के बाद आरोपियों ने एग्रीमेंट करवाया।
सुभाष ने कहा गोहाना से शिफ्ट करनी है फैक्टरी
नरेंद्र ने बताया कि फैक्टरी को किराये पर लेने आए सुभाष ने बताया था कि फिलहाल उनकी फैक्टरी गोहाना में चल रही है। गोहाना में जिस जगह पर फैक्टरी चल रही है वहां पर सीलन (नमी) की दिक्कत है। इस वजह से वहां से फैक्टरी को शिफ्ट करना चाहता है। उसके बाद नरेंद्र ने पूछा कि आपको मेरी फैक्टरी के बारे में किसने बताया है तभी सुभाष ने कहा कि मैं फैक्टरी को किराये पर लेने के लिए लोगों से पूछ रहा था तभी एक व्यक्ति ने आपका नंबर दिया और बताया कि आपकी फैक्टरी खाली है।
सिक्के की कटाई से पहले होता था टेप बनाने का काम
फैक्टरी मालिक नरेंद्र ने बताया कि गणपति धाम औद्योगिक क्षेत्र में जहां पर सिक्के कटाई का काम किया जाता था। वहां पर पहले टेप बनाने का काम किया जाता था। नरेंद्र ने बताया कि टेप बनाने का काम मैंने किया था, मुझे इस काम में नुकसान हुआ, जिसके कारण काम करना बंद कर दिया था। उसके बाद चंडीगढ़ में दूसरा बिजनेस शुरू कर दिया।