अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। माजरा गांव में पांच मार्च को संदिग्ध हालातों में गोली लगने से हुई दो युवकों की मौत को परिजनों ने सुसाइड मानने से इनकार कर दिया है। मृतक सचिन, साहिल के परिजनों और केस की पैरवी करने वाले एडवोकेट ने रविवार को चरखी दादरी में पत्रकारों से बातचीत की। एडवोकेट इंद्रजीत फौगाट का कहना है कि उनके पास ऐसे साक्ष्य हैं जिनसे यह आत्महत्या नहीं बल्कि मर्डर लग रहा है। दोनों मृतक युवकों के परिजनों ने मामले की जांच झज्जर पुलिस की बजाय सीबीआई से कराने की मांग की है। वहीं, परिजनों का कहना है कि उन्होंने बेरी थाने में शिकायत भी दी थी लेकिन 19 दिन बीतने पर भी दादरी सीआईए टीम के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया है। वहीं, झज्जर पुलिस दोनों युवकों की मौत को सुसाइड बता चुकी है। पत्रकारों से बातचीत में एडवोकेट इंद्रजीत फौगाट ने कहा कि सचिन और साहिल का ऐसा कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं था कि पुलिस से घिरा देखकर उन्हें सुसाइड करना पड़ता। उन्होंने बताया कि शक है कि योजनाबद्ध तरीके से दोनों की हत्या की गई है। वहीं, मृतक सचिन के भाई प्रवीन और साहिल के पिता सज्जन सिंह का कहना है कि मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग झज्जर डीसी, झज्जर एसपी और आईजी रोहतक से कर चुके हैं लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा। एडवोकेट इंद्रजीत फौगाट का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट है कि गोली ऊपर से नीचे की तरफ चली है। उन्होंने बताया कि साहिल के माथे पर गोली लगी थी जोकि गर्दन की तरफ से निकली है। उन्होंने बताया कि गाड़ी में बैठकर सुसाइड का यह एंगल बन ही नहीं सकता। उन्होंने कहा कि झज्जर और दादरी पुलिस मिलीभगत कर मामले को दबा रही है। मामले की तह तक जाने के लिए जांच सीबीआई से कराई जाए। एडवोकेट इंद्रजीत का कहना है कि अभी कई रिपोर्ट आनी बाकी है, इनका वे इंतजार कर रहे हैं। एडवोकेट ने बताया कि मृतकों के परिजन सीआईए टीम पर मामला दर्ज करने के लिए झज्जर पुलिस को लिखित शिकायत सौंप चुके हैं लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह के अंदर वो कोर्ट में याचिका भी दायर करेंगे।
क्या था पूरा मामला
पांच मार्च को नीमली निवासी सचिन और साहिल, माजरा निवासी अनुज, नीमड़ी निवासी दीपक और मालपोष निवासी नरवीर कार में सवार होकर माजरा गांव में मौजूद थे। पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार सचिन पर नौ और साहिल पर दो मामले दर्ज थे। माजरा मंदिर के सामने सीआईए दादरी और उनका आमना-सामना हो गया। इस दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से सचिन और साहिल की मौत हो गई थी जबकि क्विड सवार अन्य तीन युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इनमें मृतक सचिन का ममेरा भाई अनुज भी शामिल था। पोस्टमार्टम के बाद झज्जर पुलिस ने इसे सुसाइड करार दिया था जबकि परिजन इसे डबल मर्डर बता रहे हैं।
सचिन के दाएं हाथ में थे फ्रैक्चर, ईंट तक नहीं उठा सकता था : प्रवीन
मृतक सचिन पर अलग-अलग प्रकार के नौ आपराधिक मामले दर्ज थे। उसके भाई प्रवीन ने बताया कि सचिन ड्राइविंग सीट पर था। उसके हाथ में पहले से कई फ्रैक्चर थे और वह ईंट तक नहीं उठा सकता था। ऐसे में दाएं हाथ से वह खुद को गोली कैसे मार सकता है। प्रवीन का कहना है कि यह सुसाइड नहीं बल्कि हत्या है। इसे सुनियोजित ढंग से अंजाम दिया गया है, इसलिए मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए।
पिछली सीट पर बीच में बैठा था साहिल, नहीं था खास आपराधिक रिकॉर्ड : सज्जन सिंह
नीमली निवासी साहिल भी क्विड में सवार था। उसकी भी गोली लगने से मौत हो गई थी। मृतक के पिता सज्जन सिंह ने बताया कि उसके बेटा का कोई बड़ा आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। उस पर केवल दो मामले ही दर्ज थे। घटना के समय वह कार की पिछली सीट पर बीच में बैठा था। उस पर भी गोली ऊपर से चलाई गई है जो कि नीचे तरफ से निकली है। सज्जन का कहना है कि उसके बेटे की हत्या हुई है।
सबूत के आधार पर सुसाइड नहीं, लग रहा मर्डर : एडवोकेट इंद्रजीत
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट है कि गोली ऊपर से नीचे की तरफ चली है। घटनास्थल और सबूतों को देखकर यह सुसाइड नहीं हत्या का केस लग रहा है। मृतक के परिजनों की शिकायत पर कोई कार्रवाई झज्जर पुलिस नहीं कर रही है। एक सप्ताह के अंदर कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी। हमारी मांग है कि मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए।
यह मामला अभी अंडर इंवेस्टिगेशन है। मामले की जांच झज्जर पुलिस कर रही है। जांच के बाद पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
स्मिति चौधरी, एसपी, चरखी दादरी